Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Jabalpur-Bhopal NH-45 Toll News: जबलपुर-भोपाल हाईवे पर शाहपुरा टोल टैक्स वसूली पर रोक; नितिन गडकरी न... Nitin Gadkari Bhopal Visit: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का सख्त रुख; RTO में भ्रष्टाचार पर बोले— 'गा... Mandla CMO Bribe Trap: मंडला में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई; 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़... Rajasthan Mayor Election Results: राजस्थान के नगर निगमों में बीजेपी का ऐतिहासिक परचम; जयपुर, जोधपुर ... UP Assembly Election Prep: टिकट के लिए अब दिल्ली-लखनऊ में लॉबिंग नहीं चलेगी, जिलों से तैयार होगी उम्... UP International Trade Show Greater Noida: 85 देशों के खरीदार होंगे शामिल, जानिए यूपी इंटरनेशनल ट्रे... SIR Process Controversy India: चुनाव आयोग पर उठे सवालों के बाद सड़कों पर उतरी कांग्रेस, CEC ज्ञानेश ... Babulal Marandi on SIR Process: एसआईआर देश हित में; नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी का विपक्ष पर तंज, ... Pakur Police Action: पाकुड़ के नयाग्राम में 13 साल के दीनानाथ की निर्मम हत्या; एसडीपीओ कुमार गौरव ने... Jharkhand Voter List SIR Dispute: झारखंड में SIR प्रक्रिया को लेकर घमासान; सीजेपी चलाएगी देशव्यापी आ...

कर्ज न चुकाने पर कोर्ट ने दोषी को सुनाई 3 महीने की जेल की सजा

55

महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक अदालत ने कर्ज न चुका पाने के कारण एक व्यक्ति को तीन महीने के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, कोर्ट ने आरोपी पर 24 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जे आर मुलानी ने आरोपी सूरज भागवत लोंढे को परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 के तहत अपराध का दोषी ठहराया है।

न्यायाधीश ने आदेश दिया कि 24 लाख रुपये की जुर्माना राशि में से 23.75 लाख रुपये शिकायतकर्ता  मंदा आसाराम बहिर निवासी मीरा भयंदर को मुआवजे के तौर पर दिया जाएगा। मामले के विवरण के मुताबिक, आरोपी ने दिसंबर, 2017 में शिकायतकर्ता से 12 लाख रुपये का उधार लिया था। दोषी को कई बार उधार चुकाने के लिए कहा गया, जिसके बाद उसने एक चेक जारी किया, जिसे पर्याप्त धनराशि न होने के कारण बैंक ने बाउंस कर दिया।

अदालत को बताया किया गया कि शिकायतकर्ता ने आरोपी को नोटिस भी जारी किया, लेकिन उसे पैसे नहीं मिले। न्यायाधीश ने माना कि आरोपी ने परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 (खाते में धन की कमी आदि के लिए चेक का अनादर) के तहत दंडनीय अपराध किया है।

आदेश में कहा गया है कि चूंकि शिकायतकर्ता और आरोपी के बीच लेनदेन मैत्रीपूर्ण ऋण का था और शिकायतकर्ता पांच साल से अधिक समय से परेशान है, इसलिए दोषी उन्हें जुर्माना राशि 12 लाख रुपये के चेक की दोगुनी राशि देगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.