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इस जीव ने बढ़ाई मंगल पर जीवन की आस, 18 महीने तक स्पेस में खुद को रखा जिंदा

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अक्सर ऐसा लगता है ना हमारी दुनिया की कितनी अजीब है. यहां कई ऐसी चीजें है जिसे अब तक हम लोग एक्सप्लोर तक नहीं कर पाए है, लेकिन अंतरिक्ष उससे भी बड़ा है और इसके कई पहलू आज भी हम लोगों के लिए अनसुलझे हैं. यही कारण है कि आए दिन कोई ना कोई देश स्पेस से जुड़ी गुत्थी को खोलने का प्रयास करते रहते हैं. कई बार ऐसी चीजें सामने आती है. जिससे लगता है कि स्पेस में जीवन मौजूद है. हाल के दिनों में इसी से जुड़ा एक खुलासा लोगों के बीच चर्चा में है.

दरअसल हमारे वैज्ञानिक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में पृथ्वी से कई जीवों को ले गए है, ताकि इस बात की जांच की जा सके कि क्या वे स्पेस के बहुत कठोर वातावरण में रह सकते हैं या नहीं! अब इसी प्रकिया से जुड़ा एक केस इन दिनों सामने आया है. जिसमें एक जीव के बारे में पता चला है कि जो स्पेस के वातावरण में आराम से जिंदा रह सकता है. ये नतीजा वैज्ञानिकों को एक खास प्रयोग में हासिल हुआ है. बता दें कि यहां लाइकेन के बारे में बात हो रही है.

वैज्ञानिक हो गए हैरान?

ये एक खास तरह का जीव है फफूंद और काई के बीच में एक खास तरह का संबंध रखते हैं. इस जीव में स्पेस रहकर अपनी काबिलियत दिखाई है. इस पर रिसर्च के दौरान इसे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के बाहर रखा गया. जिसमे इस जीव ने अंतरिक्ष वैक्यूम, चरम तापमान, पानी की कमी, हानिकारक रेडिएशन, पराबैंगनी विकिरण का सामना करते हुए फोटोसिंथेसिस का काम भी जारी रखा. अभी तक यह काबिलियत केवल कुछ सूक्ष्मजीवों ने ही दिखाई है. जबकि बहुत से जीव इस तरह के वातावरण में जिंदा नहीं रह पाते हैं.

आपको जानकर हैरानी होगी कि पृथ्वी पर बनाए गए मंगल ग्रह के सिम्यूलेटेड माहौल में लाइकेन ने जिंदा रहकर इस बात को साबित कर दिया की वो आराम से अंतरिक्ष के प्रेशर को झेल सकता है. इसके अलावा ये जीव आराम से इंसानों के लिए खतरनाक 12 हजार ज्यादा गुना शक्तिशाली विकिरणों को झेलते हुए फोटोसिंथेसिस कर सकता हैं. कई वैज्ञानिकों का तो ये भी मानना है कि ये दूसरे ग्रह पर भी जीवन पहुंचाने का काम आराम से कर सकते हैं.

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