Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
NGT Hearing on Bhopal Lakes: पेड़ों को केमिकल से सुखाने पर भी कार्रवाई, 15 अक्टूबर को होगी मामले की ... Samajwadi Party Candidates: जानिए कौन हैं धनराज परिमल नथवानी जिन्हें अखिलेश यादव ने दिया राज्यसभा का... Chhattisgarh Road Accident Update: भीषण सड़क हादसे के बाद एनएच पर लगे जाम के हालात, मृतकों की शिनाख्... Ramanujganj Idol Makers News: पुश्तैनी कारोबार से जुड़े मूर्तिकार रंजीत और दीपांकर बोले- लागत निकलना... Bhilai Steel Plant Iron Theft Case: बीएसपी लोहा चोरी मामले में सीबीआई की आधिकारिक एंट्री, दुर्ग-भिला... Korba Murder News: जमीन के बंटवारे के विवाद में भतीजे ने की 85 साल के चाचा की हत्या, मध्य प्रदेश के ... Solid Waste Rules Raipur News: अब चार श्रेणियों में अलग करना होगा कचरा, नियम तोड़ने पर लगेगा पर्यावर... CRPF 205 Cobra Battalion Jawan: बस्तर में नक्सल ऑपरेशन में दे चुके थे सेवाएं, इलाज के दौरान हुआ निधन... Pundag OP Incharge Bravery: पुंदाग थाना प्रभारी संजीव की सूझबूझ से बची युवक की जान, टावर पर चढ़ने से... Jharkhand Road Accident News: एफसीआई गोदाम के पास भारी वाहनों के आवागमन पर रोक की मांग, रातभर मचा रह...

जापान में धूम मचा रही बुरहानपुर की थैलियां, महिलाओं के हुनर के दीवाने हुए विदेशी

22

बुरहानपुर: जिला मुख्यालय से महज 5 किलोमीटर दूर स्थित छोटा बोरगांव और फतेहपुर गांव की महिलाओं ने अपने हुनर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में धूम मचा दी है. इस गांव की अधिकांश महिलाएं खेती-बाड़ी के काम से जुड़ी हुईं हैं. वैसे तो यह गांव बेहद शांत और साधारण है, लेकिन यहां कि महिलाओं में कमाल का हुनर है. इनके द्वारा तैयार की गई थैलियां भारत के बाद जापान में धूम मचा रही हैं.

विदेशियों को पसंद आई कपड़ों की थैलियां

महिलाएं इन थैलियों को अपने हाथों से बनाती है. इन थैलियों के दीवाने गोरी मेम और गोरे जेंटलमैन भी हो गए हैं. अब महिलाओं के हुनर का विदेशों में डंका बज रहा है. इन समूहों की थैलियां जापान तक पहुंच चुकी है. हर महीने करीब 2 लाख थैलियां जापान पहुंचाई जाती हैं. इस काम से महिलाओं को अच्छा खासा मुनाफा हो रहा है और वे आत्मनिर्भर बन रही हैं.

देखने में बड़ी आकर्षक हैं थैलियां

यह कहानी है छोटा बोरगांव और फतेहपुर गांव स्थित स्व-सहायता समूहों की उन महिलाओं की. उन्होंने अपने आत्मविश्वास, मेहनत और हुनर से वो कर दिखाया है, जिसकी कल्पना करना मुश्किल था. शुभम, समृद्धि, जागृति, इंशा अल्लाह और आस्था आजीविका मिशन जैसे समूहों की महिलाएं मिलकर कपड़े से निर्मित इको-फ्रेंडली थैलियां तैयार कर रही हैं. रोचक बात यह है कि कपड़े से निर्मित थैलियां देखने में जितनी आकर्षक और उससे ज्यादा मजबूत हैं.

जापान से मिला थैलियों का ऑर्डर

साथ ही पर्यावरण के लिए बेहद अनुकूल है. यही वजह है कि इन थैलियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार का ध्यान खींचा है. अब हर बार करीब 2 लाख थैलियां जापान भेजी जा रही हैं. विदेश से आए ऑर्डर ने महिलाओं के आत्मविश्वास को पंख लगा दिए हैं. महिलाएं नई उड़ान भर रही है. वैसे तो यह महिलाएं समूह से जुड़ने से पहले खेतों में मजदूरी करने जाती थी, लेकिन जिला पंचायत (एनआरएलएम) के माध्यम से जुड़कर आज ये महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हैं. अपने परिवार का सहारा बन गई है. अब इनके बच्चें प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने लगे हैं, महिलाओं को समाज और परिवार में सम्मान मिलने लगा है.

दुनिया के नक्शे पर चमका बुरहानपुर

पहले जो महिलाएं घर की चारदीवारी तक सीमित थी. आज वही महिलाएं अंतरराष्ट्रीय व्यापार का अहम हिस्सा बन चुकी हैं. मध्यम वर्गीय परिवार की इन महिलाओं ने विदेशों तक पहचान बनाई है. इससे कई बुजुर्ग महिलाएं भी जुड़ी हैं. ईटीवी भारत से चर्चा में महिला उर्मिला कहार ने बताया, “हमारे गांव की थैलियां जापान जाती हैं. इस ऑर्डर से न सिर्फ महिलाओं की आर्थिक स्थिति बदल रही है, बल्कि बुरहानपुर का नाम भी दुनिया के नक्शे पर चमका है.”

सीमाओं का मोहताज नहीं होता हुनर

महिलाओं की इस कहानी ने ये साबित कर दिया है कि अवसर मिले, तो छोटे गांवों की महिलाएं भी बड़े सपने पूरे कर सकती हैं. इससे यह भी साबित होता है कि हुनर सीमाओं का मोहताज नहीं होता. छोटे गांव की यह बड़ी उपलब्धि नई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन चुकी है, एक मिशन… एक विश्वास… और एक सपना जिसे इन महिलाओं ने सिलाई की हर टांके के साथ सच कर दिखाया है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.