Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Rakesh Agarwal IAS Case: अलमारी के ताले टूटे, गैस फैलाकर सबूत मिटाने की कोशिश, पुलिस जांच में जुटे क... Ujjain Demolition and Security News: शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने का काम जारी, 40 मजदूर त... Jabalpur High Court Paddy Scam Hearing: मध्य प्रदेश के 34 करोड़ के धान घोटाले पर हाईकोर्ट में सुनवाई... Guna Unique Coin Collection: गुना के अजय जैन के पास है मौर्य और मुगल काल के 2000 से अधिक प्राचीन सिक... Mona Lisa Birth Certificate MP High Court Verdict: इंदौर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, मोनालिसा के पहले जन... Kaushalya Devi Sany Bhajan: रामधुनी में मंजीरा बजाती नजर आईं मुख्यमंत्री की पत्नी, डिप्टी सीएम विजय ... Kanker Collector Mandri Dance: सेवा संकल्प शिविर में ग्रामीणों के साथ झूमे कलेक्टर कुंदन कुमार, वीडि... Pregnant Woman Death in Korba: दीपिका बस्ती निवासी महिला ने तोड़ा दम, परिजनों की गुहार अनसुनी करने क... Madhya Pradesh Health Crisis: उकवा क्षेत्र के सुंदरवाही गांव में मातम, राहुल गांधी आज मृत बच्चों के ... Rahul Gandhi Balaghat Visit: राहुल गांधी के आदिवासी दौरे पर सियासत तेज, भाजपा के आरोपों पर जीतू पटवा...

Bhilai Steel Plant Iron Theft Case: बीएसपी लोहा चोरी मामले में सीबीआई की आधिकारिक एंट्री, दुर्ग-भिलाई की सियासत गरमाई

3

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) से जुड़े लोहा चोरी और स्क्रैप घोटाले के मामले में अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की आधिकारिक तौर पर एंट्री हो चुकी है। इस मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपे जाने की खबर सामने आते ही दुर्ग और भिलाई क्षेत्र की सियासत मेंवान में जोरदार उबाल आ गया है। स्थानीय स्तर से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं।

🔍 केंद्रीय गृह मंत्रालय के राजपत्र के बाद तेज हुई हलचल, स्क्रैप चोरी के बड़े नेटवर्क की परतें खुलने की उम्मीद

केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से राजपत्र (गजट) जारी कर इस पूरे बहुचर्चित मामले की जांच सीबीआई को सौंपे जाने की बात सामने आई है। इसके बाद से ही सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आगे की जांच में क्या नए तथ्य सामने आते हैं। अब तक स्थानीय पुलिस की कार्रवाई और विभिन्न गिरफ्तारियों तक सीमित रहे इस मामले में, अब केंद्रीय जांच एजेंसी के आने से स्क्रैप चोरी के इस अवैध नेटवर्क और उससे जुड़े तमाम प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता की गहराई से पड़ताल होने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। राजनीतिक दलों के नेताओं की ओर से भी इस पर मिली-जुली और तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आनी शुरू हो गई हैं।

📦 कब और कैसे पकड़ में आया था मामला? 250 टन स्क्रैप और 3.20 करोड़ के वाहन हुए थे बरामद

आपको बता दें कि बीते 26 मई को दुर्ग पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हथखोज औद्योगिक क्षेत्र स्थित ‘ए.के. ट्रेडर्स’ पर औचक छापा मारा था। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने लगभग 250 टन अवैध स्क्रैप और करीब 3.20 करोड़ रुपये की कीमत के वाहन बरामद किए थे, जिसमें अकेले बरामद स्क्रैप की कीमत करीब 90 लाख रुपये आंकी गई थी। इस हाई-प्रोफाइल सनसनीखेज मामले में अब तक कुल 21 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है, जिनमें से पांच आरोपियों को जमानत मिल चुकी है, जबकि तीन कारोबारियों को अदालत से अग्रिम जमानत मिली हुई है।

✉️ विधायक रिकेश सेन ने केंद्रीय गृह मंत्री को लिखा था पत्र, विधानसभा में भी उठाया था कड़ा मुद्दा

वैशाली नगर से भाजपा विधायक रिकेश सेन इस पूरे मामले की शुरुआत से ही सीबीआई जांच कराने की मांग पर अड़े हुए थे। उन्होंने गत 20 जुलाई को देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को आधिकारिक पत्र लिखकर इस पूरे गिरोह की जांच किसी केंद्रीय एजेंसी से कराने का आग्रह किया था। इसके अलावा उन्होंने छत्तीसगढ़ विधानसभा के पटल पर भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। अब चूंकि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उनकी मांग को स्वीकार करते हुए जांच सीबीआई को सौंप दी है, इसलिए मामले में नए और पुख्ता तथ्य सामने आने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हर कोई अब यही जानना चाहता है कि आखिर यह लोहा चोरी का काला कारोबार कहां तक फैला था और इसके पीछे कौन-कौन लोग पर्दे के पीछे सक्रिय थे।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.