Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Congress Protest Bhopal: चुनाव आयोग के बाहर कांग्रेस नेताओं का हंगामा, पूरे प्रदेश में आंदोलन का ऐला... Madhya Pradesh Politics: पटवारी बोले- 'जब प्रदेश के पटवारी ही सरकार की नहीं सुनते, तो सरकार खटारा है... Delhi Building Accident: नई बनी इमारत ढहने से हड़कंप, राहत और बचाव कार्य जारी, घायलों को अस्पताल में... Coal India PME Update: कोलकर्मियों की हर साल होगी स्वास्थ्य जांच? प्रस्तावित नई व्यवस्था के खिलाफ मु... Muslim Personal Law: नाबालिग बेटी की कस्टडी मामले में हाईकोर्ट का निर्देश, बच्चे का कल्याण सबसे सर्व... Chhotanagpur Zone Alert: पर्व-त्योहारों के मद्देनजर आईजी ने दिए सख्त निर्देश, अतिरिक्त पुलिस बल की ह... Dhanbad News: प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन पर धनबाद में निकली भव्य मशाल और बाइक रैल... Sahkar Se Samriddhi: छत्तीसगढ़ में सहकारिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए विशेष कार्... GPM News: गौरेला पेंड्रा मरवाही के जिला अस्पताल में मिला नवजात का शव, सीसीटीवी खंगालने के बाद भी नही... Singapore India Network Forum: छत्तीसगढ़ में सेमीकंडक्टर और AI डाटा सेंटर का काम शुरू, निवेश के दिखन...

Coal India PME Update: कोलकर्मियों की हर साल होगी स्वास्थ्य जांच? प्रस्तावित नई व्यवस्था के खिलाफ मुखर हुईं यूनियनें

2

कोल इंडिया लिमिटेड में कोलकर्मियों की मेडिकल जांच को लेकर प्रस्तावित एक नई व्यवस्था पर गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। प्रबंधन द्वारा खदानों में कार्यरत कर्मचारियों की आवधिक चिकित्सा जांच (PME) को अब हर साल यानी सालाना करने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही, 40 वर्ष की आयु पूरी करने वाले सभी कर्मचारियों के लिए भी हर साल स्वास्थ्य जांच अनिवार्य करने का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है, जिसका श्रमिक यूनियनों ने कड़ा विरोध शुरू कर दिया है।

⚠️ कर्मचारियों को अस्वस्थ घोषित कर मैनपावर घटाने का लगाया जा रहा आरोप

जेबीसीसीआई (JBCCI) के पूर्व सदस्य बिंदेश्वरी प्रसाद और कोल वर्कर्स यूनियन के केंद्रीय उपाध्यक्ष मोहम्मद शरीफ ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह मजदूर विरोधी बताया है। यूनियनों का आरोप है कि हर साल होने वाली इस मेडिकल जांच की आड़ में धीरे-धीरे कर्मचारियों को अस्वस्थ घोषित कर उन्हें ड्यूटी से हटाने की साजिश रची जा रही है। उनका कहना है कि यदि कर्मचारियों को स्वास्थ्य कारणों से अलग किया गया, तो इससे उनके वेतन, ओटी (OT), संडे, बोनस, ग्रेच्युटी और पीएफ जैसे तमाम सेवा लाभों पर सीधा और बुरा असर पड़ेगा।

📅 3 सितंबर की एपैक्स जेसीसी बैठक में आया था प्रस्ताव, आंदोलन की चेतावनी

यह पूरा मामला 3 सितंबर 2026 को हुई कोल इंडिया की एपैक्स जेसीसी (Apex JCC) की बैठक में चर्चा के दौरान सामने आया था, जहां प्रबंधन ने इस प्रस्तावित प्रारूप को यूनियन प्रतिनिधियों के सामने रखा था। यूनियनों ने चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारियों के हितों के साथ खिलवाड़ किया गया, तो वे इसके खिलाफ लिखित विरोध दर्ज कराएंगे और जरूरत पड़ने पर व्यापक स्तर पर आंदोलन भी किया जाएगा। फिलहाल यह एक प्रस्तावित व्यवस्था है और अंतिम नियम आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.