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अटल जी ने मुशर्रफ से कहा था, ‘जनरल साहब ये आपने क्या किया’, पूर्व उच्चायुक्त ने बताया पूरा घटनाक्रम

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नई दिल्ली। बालाकोट आतंकी हमले के दौरान पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त रहे पूर्व राजनयिक अजय बिसारिया ने खुलासा किया है कि यदि उस समय पाकिस्तान भारत के अभिनंदन वर्तमान को रिहा नहीं करता, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते थे।

अजय बिसारिया ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में कहा, पुलवामा हमले के ठीक बाद मैं भारत आया था और उस टीम का हिस्सा था, जो स्थिति की निगरानी कर रही थी। उस समय भारत की ओर से पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश गया था कि अगर पायलट (अभिनंदन) को वापस नहीं किया गया, तो भारत आगे की कार्रवाई के लिए तैयार है। हमने पाकिस्तान से जो कुछ भी सुना और हमारी जो भी बातचीत हुई, उससे हमें विश्वास था कि पाकिस्तान हमारे पायलट को लौटाने जा रहा है।

2001 आगरा शिखर सम्मेलन के दौरान क्या हुआ

पूर्व उच्चायुक्त अजय बिसारिया ने एएनआई से बात करते हुए खुलासा किया कि 2001 में आगरा शिखर वार्ता के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहाजी वाजपेयी ने पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ से कहा था कि जनरल साहब आपने यह क्या किया।

दरअसल, इस बैठक से ठीक पहले मुशर्रफ ने संपादकों के साथ नाश्ता किया था। उस दौरान मुशर्रफ ने कश्मीर और आतंकवाद को लेकर ऐसा कुछ कह दिया था, जो उन्हें नहीं कहना चाहिए थे।

बता दें, अजय बिसारिया ने भारत-पाकिस्तान रिश्तों पर  शीर्षक से किताब लिखी है। इसमें तब के हालात पर कई अहम खुलासे किए गए हैं।

इमरान खान से पीएम मोदी ने फोन पर नहीं की बात

किताब में लिखा है कि भारत बड़ी सैन्य कार्रवाई के लिए तैयारी कर रहा था। इसकी भनक पाकिस्तान को लग गई थी। यही कारण है कि पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान ने आधी रात को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात करने की कोशिश की थी, लेकिन भारत ने इनकार कर दिया।

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