Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
झज्जर के चमनपुरा गांव में दहला देने वाली घटना: पूर्व सैनिक ने सर्विस रिवाल्वर से खुद को मारी गोली, म... कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के तंजानियाई छात्र फाजेल ने 'इंडियाज गॉट टैलेंट' में मचाया तहलका: हरियाणवी ग... करनाल में सड़क के गड्ढे ने ली 3 लोगों की जान: अनियंत्रित होकर पलटा ट्रैक्टर, काछवा से बहलोलपुर जा रह... कैथल बच्ची दुष्कर्म-हत्याकांड में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: दोषी की फांसी 50 साल की सख्त उम्रकैद में त... यमुनानगर में पराली जलाने पर बड़ी कार्रवाई: 3 महीने बाद किसान पर FIR दर्ज, 'मेरी फसल-मेरा ब्योरा' पोर... मुंबई के पूर्व कपड़ा कारोबारी शिवचरण गुप्ता की अस्थियां गंगा में प्रवाहित, 10 साल बाद बड़े भाई पहुंच... 'हर घर तिरंगा 2026' अभियान: उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने दिखाई बाइक रैली को हरी झंडी, सांसद संज... करनाल की पॉक्सो अदालत का बड़ा फैसला, 10 साल के बच्चे से कुकर्म करने वाले 80 वर्षीय बुजुर्ग को 20 साल... पंचकूला सीबीआई अदालत में 645 करोड़ के सरकारी फंड घोटाले की सुनवाई: आरोपी रिभव रिषी की जमानत पर 17 अग... हरियाणा में 15 अगस्त 2026 स्वतंत्रता दिवस समारोह हेतु ध्वजारोहण की सूची जारी, सीएम नायब सैनी हांसी म...

MP Election 2023 Result: एमपी में अग्नि परीक्षा में सिंधिया पास, कांग्रेस से वापस छीना ‘किला’

45

ग्वालियर। कांग्रेस नेता कमल नाथ, दिग्विजय सिंह और प्रियंका गांधी के व्यक्तिगत आरोप झेलते आ रहे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के लिए यह चुनाव उनके अंचल ग्वालियर-चंबल में किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं था। 2020 में हुए उपचुनाव को छोड़ दें तो 2018 के बाद भाजपा के साथ उनका यह पहला चुनाव था, जिसमें यह कहा जा रहा था कि इस चुनाव से सिंधिया का भाजपा में वजन तय होगा।

ग्वालियर-चंबल में भाजपा ने 2018 के मुकाबले अंचल में दोगुना सीटें जीती हैं। पहले इस क्षेत्र में सिंधिया के खुद चुनाव लड़ने की चर्चा थी लेकिन पार्टी ने उन्हें स्टार प्रचारक बनाकर करीब मुख्य रूप से इसी अंचल की जिम्मेदारी दी थी। सिंधिया ने चुनाव प्रचार भी धुआंधार किया।

स्टार प्रचारक होने के नाते पार्टी ने उन्हें एक हेलीकाप्टर दे रखा है जो हर दिन सुबह-सुबह महल परिसर से ही उड़ान भर रहा था। उन्होंने आचार संहिता के बाद करीब 80 सभाएं अंचल की सीटों पर कीं। कई सीटों पर रोड शो भी किया।

बच्चों की तरह सिखाया

पोलिंग एजेंट को टिकट वितरण के तुरंत बाद ग्वालियर, शिवपुरी,अशोकनगर,गुना की विभिन्न विधानसभा सीटों के मेरा बूथ सबसे मजबूत कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू हुई जो 20-30 अक्टूबर तक जारी रही। कार्यक्रम में मंच से भाषण देने की जगह वह उपस्थित बूथ कार्यकर्ताओं के बीच में जाकर ही अपनी बात कहते दिखे थे। पोलिंग एजेंटों को पेन कापी पर उनकी सीट पर जाकर बारीकियां नोट कराईं। उनकी शंका का समाधान भी किया।

रणनीति ऐसी कि कांग्रेस से उसके गढ़ ही छीन लिए

ग्वालियर जिले की भितरवार,ग्वालियर दक्षिण और शिवपुरी की पिछोर सीट को लंबे समय बाद भाजपा ने कांग्रेस से छीन लिया है। पिछोर से कांग्रेस के केपी सिंह कक्कू के कारण भाजपा पिछले छह चुनावों से यहां हार का मुंह देख रही थी।

इस बार केपी के शिवपुरी से चुनाव लड़ने के कारण यहां भाजपा ने दोगुना ताकत से चुनाव लड़कर पिछोर अपने नाम कर लिया। इसी तरह भितरवार से कांग्रेस के लाखन सिंह लगातार पिछले पंद्रह सालों से जीतते आ रहे थे जिन्हें सिंधिया समर्थक मोहन सिंह राठौर ने हराकर कमल खिला दिया है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.