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कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के तंजानियाई छात्र फाजेल ने ‘इंडियाज गॉट टैलेंट’ में मचाया तहलका: हरियाणवी गीत गाकर जीता 1 लाख का इनाम

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कुरुक्षेत्र (हरियाणा): तंजानिया से भारत में उच्च शिक्षा प्राप्त करने आए एक अफ्रीकी छात्र ने अपनी अद्भुत गायकी और हरियाणवी भाषा पर पकड़ से राष्ट्रीय मंच पर तहलका मचा दिया है।

कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी (KU) से म्यूजिक की पढ़ाई कर रहे फजेल अली पाजी उर्फ फाजेल ने लोकप्रिय रियलिटी शो ‘इंडियाज गॉट टैलेंट’ (India’s Got Talent) के विशेष बोनस एपिसोड में हरियाणवी, पंजाबी और मराठी गीतों की बेजोड़ प्रस्तुति देकर निर्णायकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। फजेल की इस अद्वितीय प्रतिभा से प्रभावित होकर शो के जजों ने उन्हें विजेता घोषित किया और ₹1 लाख का नकद पुरस्कार प्रदान किया।

🎵 ‘बैरण’ और ‘सजन राजी हो जावे’ गीतों पर झूमे जज, सभी से मिले 10-10 नंबर

शो के दौरान फाजेल ने मशहूर हरियाणवी लोकगीत ‘बैरण’ गाकर समां बांध दिया।

उनकी गायकी से प्रभावित होकर दर्शकों और जजों की विशेष मांग पर उन्होंने प्रख्यात पंजाबी गायक सतिंदर सरताज का मशहूर गीत ‘सजन राजी हो जावे’ भी पूरी शिद्दत से प्रस्तुत किया। उनकी सुरमई प्रस्तुति और उच्चारण से प्रभावित होकर सभी जजों ने उन्हें 10 में से 10 अंक दिए। विजेता घोषित होने के उपरांत उन्हें स्टेज पर ही ₹1 लाख की पुरस्कार राशि का चेक सौंपा गया।

🎤 रैपर बादशाह ने बताया ‘हरियाणा की 37वीं बिरादरी’, फजेल बोले— ‘यहाँ की संस्कृति दिल के करीब’

प्रस्तुति के उपरांत शो के जज और प्रसिद्ध रैपर बादशाह ने फाजेल के हरियाणा के प्रति विशेष लगाव पर मजाकिया और आत्मीय अंदाज में टिप्पणी की।

बादशाह ने कहा कि, “फाजेल भले ही सात समंदर पार दूसरे देश से भारत आए हैं, किंतु हरियाणा के लोगों और संस्कृति के साथ इस कदर घुल-मिल गए हैं कि अब वह यहां की ’37वीं बिरादरी’ बन चुके हैं।” इस पर फाजेल ने भी सहर्ष सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि वे लंबे समय से हरियाणा में निवास कर रहे हैं और अब खुद को यहाँ की मिट्टी और संस्कृति से बहुत गहराई से जुड़ा हुआ पाते हैं।

📞 वर्ष 2024 में भारत आए थे फाजेल, जीत के तुरंत बाद स्टेज से ही मां को लगाया फोन

फाजेल ने अपनी जीवन यात्रा साझा करते हुए बताया कि वे वर्ष 2024 में भारत आए थे और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में रहकर अपनी शिक्षा पूरी कर रहे हैं।

भारत आने से पूर्व ही उनमें हिंदी सीखने की तीव्र लालसा थी। वर्तमान में वे हिंदी के अतिरिक्त हरियाणवी, पंजाबी, मलयालम और मराठी भाषा में भी गीत गा लेते हैं। जीत के पश्चात् भावुक होकर फाजेल ने स्टेज से ही अपनी मां को फोन करके सफलता की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि परदेस में रहकर पढ़ाई और जीवन-यापन का खर्च उठाना सुगम नहीं होता, अतः यह पुरस्कार राशि उनकी मां की आर्थिक सहायता में बेहद मददगार सिद्ध होगी। इस दौरान शो के होस्ट समय रैना ने भी फाजेल की मां से बात कर उन्हें बधाई दी।

🎓 भारत सरकार से मिलती है ₹20 हजार स्कॉलरशिप, सोशल मीडिया पर हैं 2 लाख से अधिक फॉलोअर्स

अकादमिक और आर्थिक पृष्ठभूमि पर चर्चा करते हुए फाजेल ने बताया कि उन्हें भारत सरकार की ओर से प्रतिमाह ₹20,000 की छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) प्राप्त होती है।

वे अपनी शिक्षा के साथ-साथ संगीत के क्षेत्र में भी नए आयाम स्थापित करना चाहते हैं। होस्ट समय रैना के प्रोत्साहन के बाद उन्होंने अपना आधिकारिक यूट्यूब चैनल भी प्रारंभ किया है, जबकि इंस्टाग्राम पर उनके 2 लाख से अधिक प्रशंसक (फॉलोअर्स) मौजूद हैं। तंजानिया से कुरुक्षेत्र आकर राष्ट्रीय स्तर के कला मंच पर हरियाणवी संस्कृति का परचम लहराने की इस उपलब्धि से कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी और स्थानीय निवासियों में भारी उत्साह का माहौल है।

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