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पर्याप्त कोटे के बावजूद प्राइवेट सौदों में शकर बढ़कर 4100 रुपये बिकी

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इंदौर। त्योहारों के साथ ही खुले बाजारों में शकर की लेवाली धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। फिलहाल सबसे ज्यादा डिमांड मिठाई निर्माताओं की देखने को मिल रही है। इसके अलावा घरेलू मांग भी भरपूर है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने घरेलू बिक्री को लेकर नवंबर 2023 के लिए 15 लाख टन कोटा की पहली किस्त जारी की है।

शकर मिलें इसे तत्काल प्रभाव से बेचना आरंभ कर सकती हैं। इसकी वैधता 15 नवंबर 2023 तक रहेगी। खाद्य मंत्रालय ने अक्टूबर 2023 के लिए शकर मिलों को 29 लाख टन मासिक शकर कोटा आवंटित किया था। वहीं, नवंबर 2023 में घरेलू बिक्री के लिए 22 लाख टन मासिक शकर कोटा जारी किया गया था। त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए सरकार ने शकर कोटा की पहली किस्त जारी होने के बावजूद खुले बाजारों में शकर के दाम ऊंचे बोले जा रहे हैं।

दशहरे की वजह से सियागंज बाजार बंद रहा, लेकिन लोहा मंडी, पालदा तरफ कुछ प्राइवेट में शकर के सौदे हुए हैं। इससे शकर के दाम बढ़कर 4050 से लेकर 4100 रुपये तक बोले गए। सूत्रों के अनुसार शकर में फिलहाल सटोरिये सक्रिय हो गए हैं जो शकर के दाम घटने नहीं दे रहे हैं। यही वजह है कि नवंबर की पहली किस्त के रूप में पर्याप्त मात्रा में शकर कोटा जारी होने के बावजूद दाम घटने के बजाए बढ़ रहे हैं। अगले 20 दिनों तक शकर की डिमांड भरपूर रहने वाली है। ऐसे में फिलहाल शकर के दामों में ज्यादा मंदी नजर नहीं आ रही है।

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