Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
क्या भारत में नागरिकों को हासिल है पूरी आजादी? जानिए संविधान प्रदत्त 11 अधिकारों के साथ जुड़ी अहम का... क्या NDA में होगा बड़ा विस्तार? परिसीमन और महिला आरक्षण बिल के बीच DMK, NCP और अकाली दल के साथ आने क... महाराष्ट्र के सांगली में बड़ा हादसा: रेणावी घाट में दो ST बसों की आमने-सामने भीषण टक्कर स्वतंत्रता दिवस 2026: दिल्ली मेट्रो की विशेष व्यवस्था, लाल किला और जामा मस्जिद के लिए सुबह 4 बजे से ... अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महंत परमहंस रामचंद्र दास के स्मृति समारोह में हुए शामिल 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन, देशवासि... PM मोदी और विदेश नीति पर टिप्पणी से गरमाई सियासत: राजनाथ सिंह और एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी को घेरा,... CJI सूर्य कांत विवाद के बाद सुर्खियों में NALSAR यूनिवर्सिटी, BCI ने वापस लिया निलंबन फैसला 4,200 करोड़ के लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब 15 अगस्त को देश मनाएगा 80वां स्वतंत्रता दिवस, लाल किले पर समारोह के दौरान मौसम पर टिकीं निगाहें

टिकट वितरण के बाद बागियों का खतरा..! बीजेपी में पंधाना–मांधाता से उठे बगावती सुर, पार्टी को भुगतना पड़ सकता है खामियाजा

176

खंडवा। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव की वोटिंग का समय काफी नजदीक आता जा रहा है। खंडवा जिले की चारो सीटों पर भाजपा तथा कांग्रेस द्वारा विधानसभा चुनाव को लेकर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी गई है। इसके बाद अब दोनों ही राजनीतिक दलों को भीतरघात तथा बागियों का खतरा सता रहा है। खंडवा में जहां कुंदन मालवीय को टिकट दिए जाने का विरोध हुआ तो वहीं भाजपा के दो नेता अब बगावती सुर अपनाते नजर आ रहे हैं।

 पंधाना विधानसभा में भाजपा ने महज ढाई–तीन माह पहले कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आई छाया मोरे को अपना उम्मीदवार बनाया है। इसके बाद क्षेत्र के आदिवासी बीजेपी नेता चिंताराम जगताप ने बगावती सुर अपना लिए हैं। हालांकि चिंताराम ने खुद निर्दलीय चुनाव लड़ने की बात तो नहीं की है, लेकिन उन्होंने निर्दलीय को समर्थन देने का एलान जरूर किया है। वही मांधाता में भाजपा ने नारायण पटेल को अपना उम्मीदवार बनाया है, जो 2018 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने थे। फिर 2020 में बीजेपी के टिकट पर उपचुनाव लड़कर विधायक बने।

इस बार फिर से भाजपा ने नारायण पटेल को टिकट दिया है, इसके विरोध स्वरूप क्षेत्र के भाजपा नेता और पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष संतोष राठौर ने नारायण पटेल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संतोष राठौर ने समर्थकों तथा जनता से बात कर निर्दलीय चुनाव लड़ने की बात कही है। बता दे कि संतोष राठौर बीजेपी के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश महामंत्री भी हैं। अब देखना यह होगा की एन वक्त पर बड़े नेताओं द्वारा बगावत करना कब तक जारी रहता है, क्योंकि अभी नामांकन शुरू हुए है, जो 30 तारीख तक जारी रहेंगे।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.