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सावन सोमवार के दिन पड़ रही है नागपंचमी इस तरह करें पूजा ध्यान रखें ये बातें

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इस समय सावन का पवित्र महीना चल रहा है। सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। जल्द ही सावन का छठवां सोमवार मनाया जाने वाला है। हर साल सावन के महीने में नागपंचमी पर्व पड़ता है। इस वर्ष नागपंचमी सोमवार 21 अगस्त को मनाई जाएगी। सावन सोमवार के दिन नागपंचमी पड़ने से इसका महत्व और भी ज्यादा बढ़ गया है। नागपंचमी का त्योहार सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन नाग देवता की पूजा का विधान है। इस दिन नाग देवता के साथ-साथ शिवजी की भी पूजा करनी चाहिए।

नागपंचमी सही तिथि और मुहूर्त

नाग पंचमी तिथि की शुरुआत 21 अगस्त 2023 सोमवार, रात 12:20 मिनट पर होगी। इस तिथि का समापन 22 अगस्त 2023 मंगलवार को रात 2 बजे होगा। नागपंचमी की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 05:53 मिनट से सुबह 8:30 तक रहेगा।

नागपंचमी पूजा विधि

  • नागपंचमी व्रत के देव आठ नाग माने जाते हैं। इस दिन अनन्त, वासुकी, पद्म, महापद्म, तक्षक, कुलीर, कर्कट और शंख नामक अष्ट नागों की पूजा की जाती है।
  • इस दिन सुबह जल्दी उठकर घर की सफाई करें और नहाकर साफ कपड़े पहने।
  • इसके बाद नाग देव के चित्र या प्रतिमा की स्थापना करें।
  • फिर दही, दूर्वा, कुशा, गंध, अक्षत, पुष्प, जल, कच्चे, दूध, रोली और चावल से नाग देव की पूजन करें।
  • नाग देवता को मीठे का भोग लगाएं और उनके रहने के स्थान पर कटोरी में दूध और लाई रखें।
  • फिर नाग देवता की आरती करें और नागपंचमी की कथा सुनें।

डिसक्लेमर

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