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तस्करी के मामले में दोषी पाया गया भारतीय मूल का शख्स अमेरिका में भारतीयों को दिलाया अवैध प्रवेश

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ओंटारियो: कनाडा से संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रत्यर्पित किए गए 40 वर्षीय भारतीय मूल के व्यक्ति को मानव तस्करी का दोषी पाया गया है। संयुक्त राज्य अमेरिका अटॉर्नी कार्यालय उत्तरी जिला न्यूयॉर्क ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, सिमरनजीत सिंह को 28 जून, 2022 को ओंटारियो में हिरासत में लिया गया था और 30 मार्च, 2023 को कनाडा से अमेरिका में प्रत्यर्पित किया गया था। उसने मार्च 2020 से मार्च 2021 के बीच भारतीयों को अवैश रूप से अमेरिका में प्रवेश करवाया। अपना दोष स्वीकार करते हुए सिमरनजीत सिंह ने कहा कि उसने कनाडा के सेंट लॉरेंस नदी क्षेत्र में अकवेसेन मोहॉक भारतीय रिजर्वेशन के माध्यम से कई भारतीयों को संयुक्त राज्य अमेरिका में अवैध रुप से प्रवेश की सुविधा मुहैया करवाई।

क्या मिलेगी सजा?

कनाडा के ब्रैम्पटन में रहने वाले सिमरनजीत सिंह को 28 दिसंबर को सजा सुनाई जाएगी। विज्ञप्ति में कहा गया है कि सिंह को कम से कम पांच साल से लेकर 15 सालों तक की जेल हो सकती है। साथ ही 250,000 अमेरिकी डॉलर तक का जुर्माना और तीन साल तक की निगरानी में रिहाई की सजा का सामना करना पड़ सकता है।

इसमें कहा गया है कि सजा पूरी होने के बाद सिंह को निर्वासन का सामना भी करना पड़ेगा। अप्रैल में जारी दस्तावेज़ों के अनुसार, कुछ प्रवासियों ने अमेरिकी प्रवर्तन अधिकारियोंको बताया कि सिमरनजीत सिंह ने 5,000 35,000 अमेरिकी डॉलर तक का शुल्क लिया और अमेरिका में उनके प्रवेश की सुविधा प्रदान की।

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