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मध्य प्रदेश के जबलपुर में धनतेरस की रात दर्दनाक हादसा, गाजी नगर की झुग्गी बस्ती में भीषण आग से 50 से अधिक आशियाने खाक

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जबलपुर: संपूर्ण देश जब धनतेरस और दीपावली के पावन पर्व की खुशियों और दीपों की जगमगाहट में सराबोर था, ठीक उसी वक्त मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले से एक बेहद मर्मस्पर्शी और वीभत्स हादसा सामने आया है। शहर के गोहलपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लेमा गार्डन के पास स्थित गाजी नगर मैदान की घनी झुग्गी बस्ती में आधी रात के वक्त अचानक एक भयंकर आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग की विकराल और खौफनाक लपटों ने पचास से अधिक गरीब परिवारों के घरों और उनकी पूरी गृहस्थी को अपनी आगोश में ले लिया, जिससे चारों तरफ हाहाकार मच गया।

करीब 350 झुग्गियों वाली बस्ती में गहरी नींद में सो रहे थे लोग, बच्चों को गोद में उठाकर नंगे पांव भागने को हुए मजबूर

लगभग 350 झुग्गियों वाली इस विशाल बस्ती में जब अधिकांश लोग अपनी गहरी नींद में सो रहे थे, तभी अचानक उठी लपटों ने लोगों को चीख-पुकार के साथ जगा दिया। जान बचाने के लिए बेबस लोग अपने छोटे-छोटे बच्चों को गोद में उठाकर नंगे पांव ही सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। जब तक दमकल और स्थानीय लोगों के प्रयासों से आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जाता, तब तक लोगों की जीवनभर की खून-पसीने की कमाई, घर में रखा अनाज, नगदी, बिस्तर और आगामी त्योहार के लिए विशेष तौर पर खरीदे गए नए कपड़े पलभर में जलकर स्वाहा हो चुके थे।

आधी रात को चारों तरफ फैली थी खौफनाक लपटें, किसी तरह दरवाजे तोड़कर बचाई गई मासूम बच्चों की बहुमूल्य जान

पिछले करीब 50-60 वर्षों से इस बस्ती में निवास कर रही अख्तरी बी ने रोते-बिलखते हुए बताया कि आधी रात को अचानक शोरगुल सुनकर जब वह घर से बाहर भागीं, तो चारों तरफ सिर्फ आग की लपटें ही दिखाई दे रही थीं। घर में रखा खाने-पीने का अनाज, जमा पूंजी, मोबाइल फोन और रोजमर्रा का सारा सामान जलकर खाक हो चुका है, और अब उनके पास अपने सिर को छिपाने के लिए छत तक नहीं बची है। सड़क के किनारे बैठकर आंसू बहा रहे मोहम्मद हसन के परिवार के सोने के दौरान अचानक सब कुछ खत्म हो गया, और इस भगदड़ व हादसे में उनके परिवार के एक सदस्य का हाथ भी टूट गया जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया है। इसके अलावा स्थानीय निवासी आमना बी ने बताया कि आग इतनी तीव्र गति से फैली कि एक झोपड़ी के भीतर सो रहे मासूम बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लोगों को दूसरे घर का दरवाजा तक तोड़ना पड़ गया। कुछ स्थानीय लोगों ने इस बात की भी आशंका जताई है कि संभवतः किसी ने साजिश के तहत इस घटना को अंजाम दिया हो।

12 दमकल गाड़ियों की मदद से पाया गया आग पर काबू, बिजली कंपनी ने तुरंत सप्लाई काटकर टाला बड़ा खतरा

इस हृदयविदारक हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम के तत्पर निर्देशों के बाद नगर निगम और दमकल विभाग की आधा दर्जन से अधिक गाड़ियां फौरन घटनास्थल पर पहुंच गईं। करीब 10 से 12 दमकल वाहनों और पानी के टैंकरों ने लगातार फेरे लगाकर आग पर काबू पाने का कड़ा संघर्ष किया। किसी भी अन्य बड़े हादसे को टालने के उद्देश्य से बिजली विभाग (MPB) ने एहतियात के तौर पर पूरी बस्ती की विद्युत सप्लाई तुरंत प्रभाव से बंद करवा दी। मौके पर तैनात दमकलकर्मी ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि दमकल की टीमों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार आग की लपटों पर काफी हद तक काबू पा लिया।

शॉर्ट सर्किट की जताई जा रही है आशंका, प्रशासन द्वारा किया जा रहा है कुल आर्थिक नुकसान का आकलन

क्षेत्र के पूर्व पार्षद ने मीडिया को जानकारी दी कि उन्हें इस दुर्घटना की खबर रात करीब ढाई बजे प्राप्त हुई थी, जिसके बाद उन्होंने अंदेशा जताया कि संभवतः यह भीषण आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी हो सकती है, क्योंकि इस बस्ती में पहले भी इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पुलिस के सर्किल ऑफिसर (CSP) ने बताया कि पुलिस बल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और राहत एवं बचाव कार्यों को गति दी। शुरुआती दौर के प्रशासनिक सर्वे में लगभग 30 से 35 झोपड़ियों के पूरी तरह जलने की बात सामने आई थी, लेकिन नुकसान का दायरा प्रत्यक्ष तौर पर 50 से अधिक परिवारों तक फैला हुआ है। आग पूरी तरह ठंडी होने के बाद ही प्रशासन द्वारा कुल आर्थिक क्षति का सटीक आकलन किया जा सकेगा।

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