मुरैना: मध्य प्रदेश के चंबल संभाग के मुरैना जिले में पुलिस को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। चार अलग-अलग जिलों में अपनी दहशत का साम्राज्य फैलाने वाले 80 हजार के इनामी कुख्यात डकैत कल्ली गुर्जर को पुलिस ने एक संक्षिप्त मुठभेड़ (शॉर्ट एनकाउंटर) के बाद आखिरकार दबोच लिया। ललितपुरा के पहाड़ी जंगलों में हुई इस कार्रवाई के दौरान पुलिस और डकैतों के बीच ताबड़तोड़ गोलियां चलीं, जिसमें जवाबी कार्रवाई के दौरान कल्ली गुर्जर के पैर में गोली जा लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे घेरकर गिरफ्तार कर लिया।
साथी अजय गुर्जर भी पुलिस की गिरफ्त में, मुठभेड़ स्थल से दो रायफल, एक पिस्टल और 50 से अधिक जिंदा कारतूस बरामद
मुख्य डकैत कल्ली गुर्जर के साथ उसके एक अन्य साथी अजय गुर्जर को भी पुलिस ने धर दबोचा है। पकड़े गए दोनों बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने दो आधुनिक रायफल, एक अवैध पिस्टल और 50 से अधिक जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। मुठभेड़ में घायल हुए डकैत कल्ली गुर्जर और उसके सहयोगी को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जिला अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है।
ललितपुरा के जंगल में चली 26 राउंड गोलियां, मुरैना पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना ने दी पूरे एनकाउंटर की विस्तृत जानकारी
मुरैना के पुलिस अधीक्षक (SP) धर्मराज मीना ने इस सफल ऑपरेशन की जानकारी देते हुए बताया कि बानमौर थाना प्रभारी दीपेंद्र यादव को एक खास मुखबिर से सूचना मिली थी कि इनामी डकैत कल्ली गुर्जर अपने आधा दर्जन armed साथियों के साथ पहाड़ी गांव के पीछे ललितपुरा के जंगल में छिपा हुआ है। इस पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस टीमों ने तुरंत जंगल की ओर कूच किया और डकैत गैंग की चारों तरफ से घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस को अपनी ओर आते देख बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। बदमाशों की ओर से करीब 20 राउंड गोलियां चलाई गईं, जबकि पुलिस ने आत्मरक्षार्थ और जवाबी कार्रवाई में आधा दर्जन (6) राउंड फायर किए।
मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी और श्योपुर जिलों में लूट, डकैती, अपहरण और हत्या के 20 गंभीर मामले दर्ज हैं कल्ली गुर्जर के खिलाफ
एसपी ने बताया कि पुलिस की जवाबी कार्रवाई में कल्ली गुर्जर के पैर में गोली लग गई, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ा। उसे घायल होता देख उसके अन्य साथी जंगल की आड़ लेकर मौके से फरार होने में कामयाब हो गए। पुलिस ने मुख्य डकैत के साथ उसके साथी अजय गुर्जर (निवासी लहर गांव) को भी गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि 80 हजार रुपये का इनामी कल्ली गुर्जर लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। उसके खिलाफ मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी और श्योपुर जिलों में लूट, डकैती, अपहरण, हत्या और चोरी जैसे गंभीर अपराधों के कुल 20 से अधिक मामले दर्ज हैं। फरार अन्य बदमाशों की तलाश के लिए जंगलों में सर्चिंग अभियान तेज कर दिया गया है।
चंबल के बीहड़ों में लिखी गई थी कल्ली के डकैत बनने की दास्तान, गुड्डा गुर्जर गैंग से जुड़कर शुरू किया था वारदातों का सिलसिला
कुख्यात डकैत कल्ली गुर्जर के अपराध की दुनिया में उतरने की कहानी भी चंबल के खतरनाक बीहड़ों से जुड़ी है। शुरुआती दिनों में वह कुख्यात डकैत गुड्डा गुर्जर के गिरोह में शामिल हुआ था और उसके साथ मिलकर लूट, डकैती व अपहरण जैसी वारदातों को अंजाम देता था। वर्ष 2022 के दौरान भंवरपुरा के जंगलों में पुलिस के साथ गुड्डा गैंग की भीषण मुठभेड़ हुई थी, जिसमें पुलिस ने गुड्डा को तो पकड़ लिया था, लेकिन कल्ली लगातार फायरिंग करते हुए जंगल का फायदा उठाकर भाग निकला था। इसके बाद उसने अपना खुद का अलग गिरोह खड़ा कर लिया और मुरैना, ग्वालियर व शिवपुरी के जंगलों को अपना ठिकाना बना लिया।
एकतरफा प्यार से लेकर हाईवे पर ‘टेरर टैक्स’ वसूलने तक, कई सनसनीखेज मामलों में सुर्खियों में रहा है यह कुख्यात अपराधी
कल्ली गुर्जर के आतंक और सनसनीखेज कारनामों की फेरिस्त काफी लंबी रही है। इसी साल मुरैना में एक नाबालिग लड़की से एकतरफा प्यार के चक्कर में उसके पूरे परिवार को बंदूक की नोक पर धमकाने और ‘डोली नहीं उठी तो गोली चलेगी’ जैसी धमकी देकर वह राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आया था। इसके अलावा मार्च 2025 में आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर दिल्ली से भोपाल जा रहे एक कंटेनर ट्रक को रोककर ‘टेरर टैक्स’ की मांग करने और रंगदारी न मिलने पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर उसके 12 टायर फोड़ देने की घटना ने उसकी दहशत को और बढ़ा दिया था। यही नहीं, 22 सितंबर 2026 को मुरैना जिला जेल में बंद अपने छोटे भाई जोगेंद्र की बैरक बदले जाने से खफा होकर उसने जेल उप अधीक्षक सुनील कुमार शर्मा को फोन पर जान से मारने की धमकी भी दी थी, जिसके बाद से पुलिस उसकी धरपकड़ के लिए पूरी ताकत से जुटी हुई थी।
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