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नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर बनेगा आर्क टाइप फ्लाईओवर, 84 करोड़ की लागत से दूर होगी जाम की समस्या

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नोएडा: उत्तर प्रदेश के व्यस्त और महत्वपूर्ण नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले लाखों वाहन चालकों के लिए एक बहुत बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। नोएडा प्राधिकरण ने इस एक्सप्रेसवे पर यातायात को पूरी तरह से सुगम और निर्बाध बनाने के लिए एक अहम परियोजना पर काम तेज कर दिया है। इसके तहत सेक्टर-148 और सेक्टर-150 के बीच एक आधुनिक आर्क टाइप (धनुष के आकार का) फ्लाईओवर के निर्माण हेतु विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को पूरी तरह से तैयार कर लिया गया है। प्राधिकरण अब इस डीपीआर को तकनीकी विशेषज्ञता और सुरक्षा जांच के लिए देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी रुड़की (IIT Roorkee) के पास भेजने जा रहा है। आईआईटी से तकनीकी मंजूरी मिलते ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना की टेंडर (निविदा) प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

84 करोड़ 16 लाख रुपये की लागत से डेढ़ साल में तैयार होगा चार लेन का फ्लाईओवर, स्पाइरल एप्रोच रोड से जुड़ेगी सर्विस रोड

नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक ए. के. अरोड़ा द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस पूरे बुनियादी ढांचे के निर्माण पर अनुमानित तौर पर 84 करोड़ 16 लाख रुपये की लागत आएगी। एक बार जमीनी स्तर पर काम शुरू होने के बाद इसे निर्धारित 18 महीने (डेढ़ साल) की समयावधि के भीतर पूरा करने का कड़ा लक्ष्य रखा गया है। यह प्रस्तावित फ्लाईओवर चार लेन का होगा, जिसकी कुल लंबाई 610 मीटर और चौड़ाई साढ़े नौ (9.5) मीटर निर्धारित की गई है। इसके अलावा, यातायात के सुचारू आवागमन के लिए इसमें 545 मीटर लंबी सर्पिल (स्पाइरल) आकार की एप्रोच रोड का निर्माण किया जाएगा, जिसके जरिए इसे मुख्य सर्विस रोड से जोड़ा जाएगा।

बिना ट्रैफिक बाधित किए एक्सप्रेसवे के ऊपर बनेगा 65 मीटर लंबा स्टील स्पैन, सड़क के बीच नहीं होगा कोई पिलर

इस भव्य फ्लाईओवर का सबसे मुख्य और अनूठा आकर्षण इसका धनुषाकार स्टील स्पैन होगा। एक्सप्रेसवे के बिल्कुल ऊपर लगभग 65 मीटर लंबा स्टील स्पैन स्थापित किया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि एक्सप्रेसवे की चलती सड़क के बीचों-बीच मुख्य भाग में कोई भी नया पिलर (खंभा) नहीं खड़ा किया जाएगा (पिलर केवल मध्य के डिवाइडर पर ही हो सकता है), जिससे निर्माण कार्य के दौरान भी एक्सप्रेसवे पर आने-जाने वाले भारी ट्रैफिक या यातायात पर किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

छह प्रमुख सेक्टरों की 2 लाख से अधिक आबादी को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी, सफर में नहीं काटने पड़ेंगे लंबे चक्कर

इस ग्रेड सेपरेटर फ्लाईओवर के निर्माण से सेक्टर-148, 149, 150, 151, 152 और 153 के बीच एक बेहद निर्बाध और सीधी सड़क कनेक्टिविटी स्थापित हो जाएगी। वर्तमान समय में और आने वाले आगामी वर्षों में इन तमाम सेक्टरों में बसने वाली करीब 2 लाख से अधिक की विशाल आबादी को इस फ्लाईओवर से सीधा और भारी लाभ मिलेगा। इसके बन जाने से स्थानीय लोगों को एक्सप्रेसवे पार करने या दूसरी तरफ जाने के लिए लंबी दूरियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, जिससे उनके समय और ईंधन दोनों की भारी बचत होगी।

स्पोर्ट्स सिटी और 30 हजार से ज्यादा प्रस्तावित फ्लैटों के बढ़ते वाहनों के दबाव को ध्यान में रखकर उठाया गया कदम

आपको बता दें कि सेक्टर-150, 151 और 152 का पूरा क्षेत्र आधुनिक ‘स्पोर्ट्स सिटी’ परियोजना के अंतर्गत आता है। इन तीनों प्रमुख सेक्टरों में 30,000 से अधिक आवासीय फ्लैट और हजारों की संख्या में प्लॉट प्रस्तावित हैं। इनमें से कई बड़ी हाउसिंग सोसायटियों में लोग पहले ही रहना शुरू कर चुके हैं, और अनुमान है कि अगले 3 से 4 वर्षों के भीतर यहां आबादी तथा वाहनों (वीइकल्स) का दबाव कई गुना तेजी से बढ़ जाएगा। इसके अलावा, सेक्टर-148 और 149 जैसे औद्योगिक व आवासीय क्षेत्रों में भविष्य में कभी भी भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न न हो, इसी दूरगामी सोच को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण ने समय रहते इस फ्लाईओवर के निर्माण का यह ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

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