राजधानी रांची के धुर्वा इलाके में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक नया और खतरनाक तरीका अपनाते हुए एक बुजुर्ग को लाखों रुपये का चूना लगा दिया है। अपराधियों ने पेंशन सत्यापन (Pension Verification) के नाम पर बुजुर्ग से संपर्क किया और उनके बैंक खाते से करीब 11 लाख रुपये की अवैध निकासी कर ली। इस सनसनीखेज घटना के बाद पीड़ित परिवार ने साइबर क्राइम थाना में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस हरकत में आ गई है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
📱 WhatsApp पर APK फाइल भेजकर ऐसे बुना ठगी का जाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित हृदय नारायण धुर्वा स्थित एचईसी (HEC) कॉलोनी के रहने वाले हैं। साइबर ठगों ने उन्हें फोन कर खुद को पेंशन सत्यापन से जुड़ा अधिकारी बताया और बैंक ऑफ इंडिया की पेंशन प्रक्रिया पूरी करने की बात कही। इसके बाद अपराधियों ने व्हाट्सएप के माध्यम से एक एपीके (APK) फाइल भेजी और उसे मोबाइल में डाउनलोड व इंस्टॉल करने को कहा। जैसे ही बुजुर्ग ने वह एप्लीकेशन इंस्टॉल किया, अपराधियों ने उनके बैंक खाते की गोपनीय जानकारियां हासिल कर लीं और कुछ ही दिनों के भीतर खाते से बड़ी रकम साफ कर दी।
🔍 11 सितंबर से 14 सितंबर के बीच हुआ ट्रांजेक्शन, साइबर थाने में केस दर्ज
एफआईआर में दर्ज विवरण के मुताबिक, 11 सितंबर से 14 सितंबर के बीच कई चरणों में कुल 11 लाख रुपये की रकम निकाली गई। जब बुजुर्ग को अपने खाते से पैसे कटने का अहसास हुआ, तब उन्हें ठगी की जानकारी हुई। इसके तुरंत बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने इस मामले में बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट (IT Act) के तहत केस दर्ज कर लिया है। इस मामले की जांच की जिम्मेदारी इंस्पेक्टर नागेंद्र साहू को सौंपी गई है, जो अपराधियों की तलाश में जुटे हैं।
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