Bastar Development News: सहकारिता मॉडल पर चर्चा के लिए बस्तर पहुंचे विभिन्न राज्यों के सहकारिता सचिव और रजिस्ट्रार
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर को सहकारिता के माध्यम से विकसित बनाने के विजन को आगे बढ़ाते हुए, आज बस्तर में पहली बार राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया है। इस सम्मेलन में देश के 23 राज्यों के सहकारिता अधिकारी और विभिन्न राज्यों से आए सचिव व रजिस्ट्रार सहकारिता के नए मॉडलों पर चर्चा करने के लिए एक मंच पर एकत्र हुए हैं। बस्तर के इतिहास में यह पहला अवसर है जब इतने बड़े स्तर पर राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन का आयोजन यहाँ हो रहा है।
📊 दो दिनों तक चलेगा विचार-विमर्श, अलग-अलग राज्यों के मॉडलों पर होगी प्रस्तुति
दो दिनों तक चलने वाले इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा समृद्धि के लिए अपनाए गए सफल मॉडलों पर प्रस्तुतिकरण और गहन चर्चा की जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य अन्य राज्यों में उन मॉडलों के उचित प्रबंधन और उपयोग की तैयारियों को बढ़ावा देना है। छत्तीसगढ़ में ‘सहकारिता से समृद्धि’ अभियान के तहत अब तक 515 नए एम-पैक्स (MPCS), 356 मत्स्य, 364 दुग्ध, 153 लघु वनोपज और 63 महिला बहुउद्देशीय सहकारी समितियों का गठन किया जा चुका है। इसके साथ ही राज्य के 2058 पैक्स में माइक्रो एटीएम के जरिए 324 करोड़ रुपये से अधिक का व्यावसायिक आदान-प्रदान भी हुआ है।
🎯 बस्तर के विकास और पारंपरिक हस्तशिल्प पर विशेष फोकस
बैठक के दौरान इस बात पर भी जोर दिया जा रहा है कि सहकारी समितियों से जुड़े लोगों को आर्थिक रूप से कैसे सशक्त बनाया जाए। छत्तीसगढ़ में दूध, मत्स्य और लघु वनोपज समितियों के अलावा अन्य बहुउद्देशीय कार्यों की भी समीक्षा की जा रही है। विशेष तौर पर बस्तर क्षेत्र पर फोकस रखते हुए यहाँ के पारंपरिक हथकरघा (Handloom) और हैंडीक्राफ्ट को बढ़ावा देने की रणनीतियों पर भी विमर्श किया जा रहा है, ताकि स्थानीय कारीगरों को व्यापक बाजार और लाभ मिल सके।
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