Balod News: कबीरधाम में भारतीय किसान संघ का उग्र प्रदर्शन, 23 सूत्रीय मांगों को लेकर ट्रैक्टरों से किया चक्का जाम
भारतीय किसान संघ के आह्वान पर छत्तीसगढ़ में किसानों का आक्रोश सड़क पर देखने को मिल रहा है। कबीरधाम जिले में बड़ी संख्या में किसान अपने ट्रैक्टर लेकर पहुंचे और शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर ट्रैक्टर खड़ा कर पूरी तरह चक्का जाम कर दिया। पांचों प्रमुख प्रवेश मार्गों पर ट्रैक्टरों लंबी कतारें लग जाने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई, जिससे राहगीरों और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई यात्री अपना सामान लेकर पैदल ही जाम पार करते नजर आए। आंदोलनकारी किसान अपने साथ एक सप्ताह का राशन लेकर पहुंचे हैं और सड़क किनारे ही भोजन बनाकर विरोध जता रहे हैं।
📋 क्या हैं किसानों की प्रमुख 23 मांगें?
किसान संघ की प्रमुख मांगों में जिले के दोनों शक्कर कारखानों में गन्ना उत्पादन बढ़ाना, गन्ने के बोनस में 150 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी, सुतियापाट जलाशय का विस्तार, बिजली बिल में राहत देना और पिछली सरकार के कार्यकाल की धान बोनस की रुकी हुई राशि का भुगतान करना शामिल है। इसके अलावा बालोद जिले में भी झलमला स्थित गंगा मैया प्रांगण से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया गया। किसानों का कहना है कि पिछले 9-10 सालों में महंगाई कई गुना बढ़ चुकी है, लेकिन समर्थन मूल्य और अन्य सहायता उस अनुपात में नहीं बढ़ाई गई है।
🐄 गौवंश संरक्षण और जैविक खेती को बढ़ावा देने की उठी जोरदार मांग
किसान नेताओं ने सरकार के सामने गौवंश संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग रखी है। किसानों का कहना है कि चारागाहों की कमी के कारण पशुपालन करना आज एक बड़ी चुनौती बन गया है, इसलिए सरकार को प्रति नग मवेशी 1,000 रुपये प्रति माह आर्थिक सहायता देनी चाहिए। इसके अलावा रासायनिक खादों पर विदेशी निर्भरता कम करने के लिए गौ-आधारित जैविक खेती (गोबर, गोमूत्र, जीवामृत के प्रयोग) को बढ़ावा देने तथा किसानों के जैविक उत्पादों के लिए लाभकारी मूल्य और सुलभ बाजार उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की गई है।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.