Swatantra Bhardwaj Arrest: निशु आजाद के पिता से मारपीट मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को न्यायिक हिरासत, कल फिर होगी पेशी
नई दिल्ली: नाबालिग कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय के साथ मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को कोर्ट से राहत नहीं मिली है।
एक दिन की पुलिस कस्टडी समाप्त होने के बाद रविवार (6 सितंबर) को स्वतंत्र भारद्वाज को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को एक दिन की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेजने का आदेश दिया है। सोमवार को उसे पुनः अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा, जहां दिल्ली पुलिस आगे की पूछताछ के लिए उसकी दोबारा रिमांड लेने का प्रयास करेगी।
वहीं, आरोपी के वकील पीयूष जैन ने आरोप लगाया कि पुलिस वकीलों और मीडिया के तीखे सवालों से बचने के लिए आरोपी को व्यक्तिगत रूप से लाने के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश कर रही है।
🚩 कोर्ट के गेट पर समर्थकों का हंगामा: स्वतंत्र भारद्वाज की रिहाई की मांग पर नारेबाजी
अदालत परिसर के बाहर प्रदर्शन और समर्थकों का रुख:
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हाथों में होर्डिंग लेकर पहुंचे समर्थक: पेशी के दौरान बड़ी संख्या में स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थक पटियाला हाउस कोर्ट के मुख्य द्वार पर एकत्र हो गए।
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फंसाने का लगाया आरोप: समर्थकों ने हाथों में तख्तियां और होर्डिंग लेकर नारेबाजी की और दावा किया कि स्वतंत्र को एक सोची-समझी साजिश के तहत झूठे मुकदमे में फंसाया गया है।
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तत्काल रिहाई की मांग: प्रदर्शनकारियों ने मामले को राजनीति से प्रेरित बताते हुए स्वतंत्र भारद्वाज को अविलंब रिहा करने की मांग उठाई।
📑 SC/ST और पॉक्सो (POCSO) समेत कई गंभीर धाराएं दर्ज: जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ा है मामला
मुकदमे की पृष्ठभूमि और दर्ज कानूनी धाराएं:
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जंतर-मंतर का विवाद: यह पूरा विवाद जुलाई माह में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में आयोजित एक धरने-प्रदर्शन के दौरान नाबालिग सामाजिक कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय पर हुए कथित हमले से जुड़ा हुआ है।
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सख्त धाराएं जोड़ी गईं: पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पर हुए कड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद पुलिस ने दर्ज प्राथमिकी (FIR) में एससी/एसटी (SC/ST) अत्याचार निवारण अधिनियम और आपराधिक धमकी की धाराएं जोड़ी हैं।
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पॉक्सो एक्ट भी शामिल: इसके अतिरिक्त आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ यौन अपराधों से बाल संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज कर कानूनी शिकंजा कसा गया है।
🛡️ ‘घर पर फेंके गए पत्थर, जान का खतरा’: निशु आजाद ने वीडियो जारी कर मांगी सुरक्षा
पीड़िता का पक्ष और पुलिस से गुहार:
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घर के बाहर पथराव का आरोप: मामले में नाबालिग कार्यकर्ता निशु आजाद ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपने और अपने परिवार के लिए गंभीर खतरे की आशंका जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके घर के बाहर हंगामा किया गया और पत्थरबाजी की गई।
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सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल: निशु ने स्वतंत्र भारद्वाज और उसके समर्थकों से जान का खतरा बताते हुए तत्काल सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है।
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प्रशासन से त्वरित मदद की अपील: उन्होंने दिल्ली पुलिस और गाजियाबाद पुलिस को सोशल मीडिया पर टैग करते हुए लिखा, “मैं पुलिस अधिकारियों से अनुरोध करती हूं कि हमें तत्काल सुरक्षा प्रदान करें, क्योंकि मुझे अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर भारी चिंता है।”
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