Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
West Bengal Politics: टीएमसी छोड़ने के बाद कोयल मल्लिक को मिला बड़ा राजनीतिक तोहफा, बीजेपी ने दिया राज... दिल्ली में वायु प्रदूषण के खिलाफ सख्ती: ‘ऑपरेशन क्लीन एयर’ के तहत CAQM ने रिंग रोड पर चलाया विशेष नि... मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर दिल्ली में घमासान: इंडिया गेट पर AAP का विरोध मार्च, सौरभ भ... Amritsar Border Security: अमृतसर में पाकिस्तान के आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़, एके-47 और हैंड ग्रेनेड ... Delhi VIP Theft News: राज्यसभा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल के सरकारी आवास में चोरी, गटर का ढक्कन... मुजफ्फरपुर में पुलिस की शर्मनाक करतूत: अंतरजातीय विवाह से जुड़ी समस्या को लेकर पहुंची महिला को बाल प... Delhi High Court Notice: करोल बाग में मेट्रो निर्माण के लिए पेड़ काटने पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, DDA ... पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (UCC) का ऐलान: सीएम शुभेंदु अधिकारी ने मांगे 6 महीने, 'लव जिहाद'... Seoni Murder Case: मध्य प्रदेश के सिवनी में सनसनीखेज हत्याकांड, मां और मामा ने मिलकर की 22 वर्षीय यु... विपक्ष की रैली पर आशीष शेलार का तीखा हमला: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन को बताया ‘लोमड़ियों ...

सोम डिस्टिलरीज को झटका: जज ने याचिका पर सुनवाई से किया इनकार, केस दूसरे कोर्ट में ट्रांसफर

25

जबलपुर: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के दूसरे जज जस्टिस संदीप एन भट्ट ने भी सोम डिस्टिलरीज की याचिका सुनने से मना कर दिया. इसके पहले मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा ने सोम डिस्टिलरीज के मामले को सुनने से मना कर दिया था. राज्य सरकार ने टैक्स चोरी मामले में सोम डिस्टलरी का लाइसेंस निरस्त कर दिया है.

फर्जी परमिट को लेकर सुनाई गई है सजा

मध्य प्रदेश में शराब निर्माण करने वाली अग्रणी कंपनी सोम डिस्टिलरीज पर आरोप लगे थे कि उसने फर्जी ट्रांसपोर्ट परमिट के आधार पर करोड़ों रुपए की शराब बाजार में बेचती है. इस मामले में सोम डिस्टिलरीज के उमाशंकर शर्मा, जीडी अरोरा, दिनकर सिंह, मोहन सिंह तोमर और दीनानाथ सिंह के विरुद्ध कोर्ट द्वारा कारावास और अर्थदंड तय किया गया है. आरोपी मदन सिंह द्वारा 5 फर्जी परमिट बुक, वीरेंद्र भारद्वाज द्वारा 272, रामप्रसाद मिश्रा द्वारा 25, प्रीति गायकवाड़ द्वारा 279, संजय गोहे द्वारा 282, कैलाश बंगाली द्वारा 29, मोहन सिंह तोमर ने 676, उमाशंकर ने 75, दिनकर सिंह द्वारा 65 फर्जी परमिट तैयार किए गए थे.

सजा की कार्रवाई पर रोक, लेकिन दोष अभी भी प्रभावी

इस मामले में कर्मचारियों के विरुद्ध अपर सत्र न्यायालय देपालपुर जिला इंदौर के एक प्रकरण में पारित निर्णय के आधार पर कार्रवाई की गई थी. इसमें कहा गया है कि उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर द्वारा संबंधित आपराधिक अपीलों में सजा के कार्रवाई पर रोक लगाई गई है, लेकिन दोषसिद्धि अभी भी प्रभावी है.

लाइसेंस निरस्त के आदेश को दी थी चुनौती

इसी मामले के आधार पर राज्य सरकार ने सोम डिस्टिलरीज का लाइसेंस निरस्त कर दिया था. कंपनी की ओर से मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में लाइसेंस निरस्त करने के आदेश को चुनौती दी थी. यह मामला जबलपुर हाई कोर्ट के जस्टिस विशाल मिश्रा के कोर्ट में लगा था, लेकिन उन्होंने इस मामले से खुद को अलग करते हुए कहा था कि वे इस मामले की सुनवाई नहीं करेंगे. इस मामले को किसी और कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया जाए.

2 जजों ने याचिका पर सुनवाई से किया इनकार

रजिस्ट्रार की ओर से यह मामला जस्टिस संदीप एन भट्ट की कोर्ट में ट्रांसफर किया गया, जहां इसकी सुनवाई होनी थी, लेकिन जस्टिस भट्ट ने भी इस मामले से दूरी बनाते हुए, इसे किसी और अदालत में ट्रांसफर करने का आदेश दिया है. 2 जजों के मना करने के बाद अब यह मामला और कठिन हो गया है, ऐसी स्थिति में सोम डिस्टिलरीज की समस्याएं बढ़ती जा रही है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.