Maharashtra Politics: राज्यसभा चुनाव से पहले आदित्य ठाकरे ने क्यों छेड़ा NCP विलय का मुद्दा? MVA के भीतर बढ़ी खींचतान
महाराष्ट्र में राज्यसभा की सात सीटों के लिए चुनाव होने हैं, जिसको लेकर महाविकास आघाड़ी (एमवीए) में सहमति बनने की प्रक्रिया तेज हो गई है. एनसीपी (शरद पवार गुट) प्रमुख शरद पवार अगर चुनाव लड़ने का फैसले करते हैं तो उन्हें समर्थन देने पर आघाड़ी के भीतर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं.
हालांकि तीनों दलों के बीच सीट बंटवारे और अन्य राजनीतिक समीकरणों को लेकर मोलभाव जारी है.कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) ने एनसीपी (एसपी) के संभावित विलय को लेकर स्पष्टता मांगी है. शिवसेना (यूबीटी) चाहती है कि राज्यसभा में शरद पवार का समर्थन करने के बदले विधान परिषद चुनाव में उद्धव ठाकरे को समर्थन दिया जाए.
जीतने योग्य सीट पर दावा
जहां शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने शरद पवार की उम्मीदवारी के समर्थन के संकेत दिए हैं, वहीं पार्टी के नेता आदित्य ठाकरे ने महाविकास आघाड़ी (एमवीए) की एकमात्र जीतने योग्य राज्यसभा सीट पर अपनी पार्टी का दावा दोहराया है.
आदित्य ठाकरे ने कहा है कि शिवसेना (यूबीटी) में सभी की स्पष्ट राय है कि यह सीट हमारी है. उन्होंने कहा कि गठबंधन से जुड़े मुद्दों पर भी विचार करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि एक तरफ एनसीपी में विलय की चर्चा चल रही है. वहीं मुंबई में एनसीपी (एसपी) ने हमारे साथ चुनाव लड़ा और बाद में एकनाथ शिंदे को समर्थन दिया.
शिवसेना ने फौजिया खान को दिया समर्थन
उन्होंने साल 2020 का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय शिवसेना ने एनसीपी की फौजिया खान को राज्यसभा चुनाव में समर्थन दिया था. उन्होंने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) ने 2020 में अपनी एक सीट एनसीपी को दी थी. लेकिन 2022 में संजय राउत राज्यसभा पहुंचे, जबकि हमारे दूसरे उम्मीदवार संजय पवार को हार का सामना करना पड़ा. ऐसे में इस सीट पर हमारा दावा मजबूत है.
‘राज्यसभा में पार्टी के दो सांसद होना जरूरी’
आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया मंच पर भी एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि पार्टी की संख्या बल और प्रियंका चतुर्वेदी एंव संजय राउत द्वारा किए जा रहे संघर्ष को देखते हुए राज्यसभा में पार्टी के दो सांसद होना आवश्यक हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय तीनों सहयोगी दलों के बीच चर्चा के बाद लिया जाएगा.
16 मार्च को राज्यसभा चुनाव
एमवीए को राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 37 मतों की आवश्यकता है, जबकि गठबंधन के पास कुल 47 विधायक हैं. इनमें शिवसेना (यूबीटी) के 20, कांग्रेस के 16 और एनसीपी (एसपी) के 10 विधायक शामिल हैं. जिन नेताओं का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें शरद पवार और फौजिया खान (एनसीपी-एसपी), प्रियंका चतुर्वेदी (शिवसेना-यूबीटी),रामदास आठवले,भागवत कराड, रजनी पाटिल और धैर्यशील पाटिल शामिल हैं राज्यसभा चुनाव 16 मार्च को प्रस्तावित हैं.
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