बजट सत्र में हंगामा: SIR के मुद्दे पर आमने-सामने आए दिग्गज! नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस पर साधा निशाना, जानें क्या है पूरा विवाद
रांचीः बजट सत्र के तीसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले झारखंड में होनेवाले एसआईआर को लेकर बयानों का तीर चलता रहा. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने चुनाव आयोग के निर्णय को सही बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से सही वोटर की पहचान होगी. उन्होंने कहा कि इससे पहले भी एसआईआर हुआ है ऐसे में कांग्रेस इसका विरोध क्यों कर रही है यह समझ में नहीं आ रहा है.
विधानसभा परिसर में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि याद करिए इस देश में प्रत्येक 10 वर्ष पर एसआईआर होता रहा है. एसआईआर का मतलब है कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण जिसके माध्यम से जो लोग मर गए उनका नाम हटेगा. जो लोग यहां से दूसरे जगह शिफ्ट कर गए उनका नाम हटेगा, जो बाहर से आकर अवैध रुप से वोटर बने हैं उनका नाम हटेगा.
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इसका शुरू से विरोध करती रही है. बांग्लादेशी घुसपैठिया जो यहां आकर अवैध रुप से वोटर बने हुए हैं उनके पक्ष में कांग्रेस आंदोलन करती है उनका नाम कटेगा तो उससे उनको परेशानी है लेकिन एसआईआर चुनाव आयोग का काम है वो होकर रहेगा. चुनाव आयोग देश में सफलतापूर्वक एसआईआर कर रही है और हम सभी को इसमें सहयोग करना चाहिए, झारखंड में भी यह सफलतापूर्वक संपन्न होगा. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग यह कार्य अकेले नहीं करती है बल्कि हर राजनीतिक दलों का भी सहयोग लेती है.
जमीन विवाद को लेकर सरकार को नये सिरे से विचार करना चाहिए- बाबूलाल
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार से जमीन विवाद को लेकर नये सिरे से विचार करने की अपील की है. विधानसभा परिसर में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि झारखंड बनने के पहले से जितने भी महापुरुष पैदा लिए चाहे वो कांग्रेस का कालखंड हो या किसी अन्य का सभी ने जमीन को लेकर लड़ाई लड़े.उन्होंने कहा कि यहां के आदिवासी मूलवासी सभी के जीविकोपार्जन का साधन खेती है और इसीलिए हमें इस बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए कि जिनकी जीविकोपार्जन का एकमात्र साधन खेती है उनकी जमीन अगर खनिज निकालने के लिए लेते हैं तो उतनी जमीन उन्हें कहीं दूसरी दे देनी चाहिए. यह विचार सरकार को करना चाहिए यह कोई कठिन और बड़ा काम नहीं है. क्योंकि कुछ वर्ग ऐसे भी होते हैं जो सरकार को जमीन देना भी चाहती है बेचना भी चाहती है.
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