Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Nomadic Elephant 2026: पिथौरागढ़ में भारत-मंगोलिया का संयुक्त सैन्य अभ्यास, रूम इंटरवेंशन और बोख कुश... Yogi Adityanath Delhi Visit: पीएम मोदी और जेपी नड्डा से मिले सीएम योगी आदित्यनाथ, यूपी चुनाव और संगठ... सोशल मीडिया पर दिखावा पड़ा भारी: यूट्यूबर मधुमिता के घर से ₹1 करोड़ के सोने-हीरे के जेवर चोरी Delhi Festive Preparations: रामलीला, दुर्गा पूजा और छठ पर्व के लिए दिल्ली सरकार ने बनाई 3 विशेष समित... वोटर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया हुई बेहद आसान: अब दफ्तरों के चक्कर लगाने से मिलेगी मुक्ति, घर आएंगे BLO मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गरमाई सियासत: राहुल गांधी ने साझा किया जिजी थॉमसन का दावा UKSSSC VPDO Scam: 2016 भर्ती घोटाले में हरीश रावत से ईडी ने किए सवाल-जवाब, कांग्रेस ने बताया बदले की... Sambhal News: आचार्य प्रमोद कृष्णम को बब्बर खालसा से जुड़ी धमकी, विदेशी नंबर से ऑडियो कॉल; गृह मंत्र... Roorkee News Today: रुड़की में दोहरे हत्याकांड से सनसनी, गांव में भारी पुलिस बल तैनात; एसएसपी बोले- ... Election Commission Reforms: चुनाव आयोग में पारदर्शिता की नई पहल, SIR प्रोसेस, ECINet और अधिकारियों ...

अजब-गजब चुनाव: एक ही परिवार के कई चेहरे मैदान में, किसे चुनें और किसे छोड़ें? मतदाताओं के सामने खड़ा हुआ बड़ा संकट

27

 झारखंड के जमशेदपुर के मानगो, जुगसलाई, कपाली और आदित्यपुर में चुनाव प्रचार अब अंतिम दौर में है। शनिवार शाम के बाद प्रचार का शोर थम जाएगा, लेकिन राजनीतिक हलचल अंदरखाने जारी रहेगी। 23 फरवरी को होने वाले मतदान को लेकर प्रत्याशी और मतदाता दोनों ही असमंजस की स्थिति में हैं।

खामोश होंगे लाउडस्पीकर, बढ़ेगी हलचल
निर्वाचन नियमों के तहत शनिवार शाम से प्रचार बंद हो जाएगा। लाउडस्पीकर और जुलूस थम जाएंगे, लेकिन प्रत्याशियों की चिंता कम नहीं होगी। मतदान से पहले का यह समय उम्मीदवारों के लिए सबसे अहम माना जा रहा है। इस चुनाव में दो तरह की तस्वीरें सामने आ रही हैं। कुछ प्रत्याशी धनबल के सहारे चुनाव मैदान में हैं, तो कुछ सीमित संसाधनों के साथ विकास के मुद्दे पर वोट मांग रहे हैं। मोहल्लों में दोनों ही तरह के उम्मीदवार सक्रिय हैं।

मतदाता असमंजस में
कई वार्डों में एक ही समाज या परिवार के कई लोग चुनाव लड़ रहे हैं। इससे मतदाता उलझन में हैं कि किसे समर्थन दें। एक ही वार्ड में तीन-चार प्रत्याशी होने से मुकाबला दिलचस्प और जटिल हो गया है। संभावित विवाद या तनाव से बचने के लिए कुछ लोगों ने मतदान के दिन शहर से बाहर रहने का फैसला किया है। उनका मानना है कि इससे किसी पक्ष का दबाव नहीं झेलना पड़ेगा।

एक परिवार, अलग-अलग वार्ड
प्रशासनिक गड़बड़ी के कारण कुछ परिवारों के सदस्यों के नाम अलग-अलग वार्डों में दर्ज हैं। इससे स्थिति और उलझ गई है। एक ही घर पर अलग-अलग वार्डों के प्रत्याशी वोट मांगने पहुंच रहे हैं। इन सबके बीच आम मतदाता चुनावी वादों और दावों के बीच खुद को असमंजस में महसूस कर रहा है। अब देखना है कि 23 फरवरी को मतदाता किसके पक्ष में फैसला सुनाते हैं।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.