सतना: मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला सतना पहुंचे. उन्होंने विंध्य चेंबर ऑफ कॉमर्स की व्यापारिक संस्था का उद्घाटन किया. इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए सतना में 6 मासूम के एचआईवी संक्रमण मामले को बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि, ”दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी और मासूम बच्चों एवं उनके परिजन को हर संभव मदद दिलाने का प्रयास करेंगे.”
दोषियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
सतना जिले में थैलेसीमिया से पीड़ित 6 मासूम को एचआईवी संक्रमित ब्लड चढ़ाने के मामले पर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा, ”दोषियों पर सख्त करवाई होगी. इसके अलावा इस घटना की पुनरावृत्ति ना हो इसके लिए हम प्रयास करेंगे.” इसके साथ ही HIV पॉजिटिव 6 मासूम बच्चों को हर संभव मदद पहुंचाने की बात कही है. उन्होंने कहा कि, ”यह प्रकरण 4 महीने पहले ही आईसीटीसी में सामने आ गया था. थैलेसीमिया के जो मरीज होते हैं उन्हें महीने में तीन बार ब्लड ट्रांसफ्यूजन करना पड़ता है.
कहां हुई लापरवाही, जांच जारी
थैलेसीमिया के मरीज बड़े गंभीर रहते हैं, और जो ब्लड इन्हें चढ़ाया जाता है उनकी हर प्रकार से जांच होती है. ब्लड डोनेट करने वाले डोनर का ब्लड ब्लड बैंक में आता है. हम लोग पूरे 6 महीने में इसको ट्रैक कर रहे हैं. इन 6 बच्चों में एक के माता-पिता एचआईवी पॉजिटिव पाए गए थे. तो वह कारण समझ में आ गया है. लेकिन बाकी लोगों का ब्लड कहां-कहां चढ़ा है और कहां के कैंप में लापरवाही हुई. कौन से ब्लड बैंक से उन्हें ब्लड चढ़ा. इन सब चीजों की जांच पड़ताल की जा रही है. जिसके लिए हमने प्रदेश स्तरीय 6 वरिष्ठ अधिकारियों की जांच समिति बना दी है. केंद्र की एक टीम भी जांच कर रही है.”
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा, ”इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति ना हो और जो लोग इसमें लापरवाही की है उनको सजा मिले, यह सब चीज सुनिश्चित करेंगे. लेकिन थैलेसीमिया के मामले में उन्हें ब्लड चढ़ाना भी उनके जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है और उसे दौरान इस प्रकार की जो घटना हुई है बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. कार्रवाई करने के मामले में सरकार बहुत सख्त है.
स्वास्थ्य विभाग में होगी 30 हजार लोगों की भर्ती
राजेंद्र शुक्ला ने कहा, ”लंबे समय से एक ही जगह पर स्वास्थ्य विभाग में जमे हुए कर्मचारियों की स्थानांतरण की प्रक्रिया तो है ही. लेकिन अभी तो स्वास्थ्य अमले की कमी भी है. इस कमी को पूरा करने के लिए बहुत बड़ी संख्या में हम करीब 30 हजार लोगों की भर्ती स्वास्थ्य विभाग में कर रहे हैं. जिससे कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं और भी बेहतर हो सके. लेकिन जो अमला अभी उपलब्ध है, उसमें अगर किसी की शिकायत आती है उसके खिलाफ कार्रवाई होती है. लेकिन स्वास्थ्य अमले को बढ़ाना भी लोगों को बेहतर सुविधा देने के लिए जरूरी है.”
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