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छिंदवाड़ा में ठंड में ठिठुरता किसान, मक्का बिकने के इंतजार में मंडी में गुजारे तीन दिन

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छिंदवाड़ा: सुबह 5:00 से कृषि मंडी में मक्का बेचने के लिए पहुंचे किसान दिनेश साहू को शाम के करीब 4:00 बजे तक मक्का खाली करने के लिए मंडी में जगह नहीं मिली थी. क्योंकि किसानों के लिए जो सरकार ने शेड बनाए हैं उनमें व्यापारियों ने अपना अनाज भर कर रखा हुआ है. किसानों का कहना है कि, दो से तीन दिन उन्हें मक्का बेचने में लग रहा है. ऊपर से दाम भी इतने कम हैं और फिर कड़कड़ाती ठंड में मक्का बेचने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है.

मक्का बेचने के लिए मंडी में करना पड़ रहा इंतजार
मक्का के दाम कम मिलने के कारण छिंदवाड़ा का किसान परेशानियों से जूझ रहा है. लेकिन जब मजबूरी में मंडी पहुंचकर उसे अपनी फसल बेचना है तो दो से तीन दिनों तक कड़कड़ाती ठंड में इंतजार भी करना पड़ रहा है. क्योंकि सरकार ने मंडी में किसानों को अनाज बेचने के लिए टीन शेड बना कर दिए हैं. इन शेडों में मंडी के व्यापारियों ने अपना कब्जा जमा रखा है.

किसान दिनेश साहू ने बताया कि, ”वे सुबह 5 बजे से मंडी पहुंचे हैं लेकिन मक्का खाली करने के लिए जगह नहीं है. टीन शेड पहले से भरे हुए हैं और सड़कों पर दो दिनों से किसानों का मक्का डाला हुआ है. परेशानियों का यह आलम है कि कड़कड़ाती ठंड में किसानों को तीन-तीन दिनों तक मक्का बेचने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है.”

मुश्किल से निकल रही लागत, खेतों की सुख रही फसल
जमुनिया जेठू से मक्का बेचने कृषि उपज मंडी छिंदवाड़ा आए किसान भोजेलाल ने बताया कि, ”एक तो मक्के के दाम उन्हें बहुत कम मिल रहे हैं, ऊपर से तीन तीनों तक मंडी में रुकना पड़ रहा है. जिससे गेहूं की फसल बर्बाद हो रही है. क्योंकि खेतों में सही समय पर पानी की सिंचाई नहीं हो पा रही है. जब सिंचाई करना होता है तो उन्हें मंडी में रुकना पड़ रहा है. अधिकतर समय बिजली भी रात में मिल रही है.” किसानों का कहना है कि, ”आज भी मकई के दाम 1500 से लेकर 18 सो रुपए क्विंटल तक ही मिल पा रहे हैं, जिसमें सिर्फ लागत मूल्य निकल पा रहा है.

40 से 50 हजार क्विंटल मक्के की हर दिन आवक
छिंदवाड़ा में सबसे ज्यादा मक्के की उपज होती है. फिलहाल कृषि उपज मंडी छिंदवाड़ा में अकेले 40 से 50 हजार क्विंटल हर दिन मक्का बेचने के लिए ला रहे हैं. इसी तरह अगर दूसरी मंडी की बात करें तो चौरई मंडी में 20 से 25000 क्विंटल मक्का हर दिन पहुंच रहा है. ऐसे समय में प्रशासन के सामने मक्का बिकवाने की व्यवस्था बनाना चुनौती से कम साबित नहीं हो रहा है.

कृषि उपज मंडी छिंदवाड़ा के सचिव मनोज चौकीकर ने बताया कि, ”हर दिन मक्का आवक बढ़ रही है, प्रयास किया जा रहा है कि हर दिन किसानों को टोकन दिया जाए और जैसे ही जगह मिलती है तो फिर मक्का तो लाने का प्रयास किया जा रहा है. आवक ज्यादा होने की वजह से व्यापारी भी दिन भर खरीदी कर रहे हैं. देर रात तक फिर मक्के की धुलाई होती है.”

मंडी के साइड में व्यापारियों के अनाज रखे होने की बात पर मंडी सचिव ने कहा है कि, ”आवक ज्यादा होने की वजह से उठाव नहीं हो पा रहा है. इसलिए काफी देर लग जा रही है और किसानों को समस्याओं से निजात दिलाने के लिए प्रयास किया जा रहे हैं.”

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