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झारखंड राजभवन का बदला नाम, अब कहलाएगा लोक भवन

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रांची: केंद्र सरकार के द्वारा लिए गए निर्णय के बाद झारखंड राजभवन का नया नाम लोक भवन कर दिया गया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी के हस्ताक्षर से जारी अधिसूचना के तहत रांची तथा दुमका स्थित राजभवन का नाम लोक भवन किया गया है.

आज 3 दिसंबर को जारी अधिसूचना के तहत यह निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू होगा. गौरतलब है कि केन्द्र सरकार के निर्देश के तहत झारखंड सहित देश के सभी राज्यों के राजभवनों का नाम लोक भवन करने को कहा गया है. इसके साथ ही केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उपराज्यपाल के निवास-कार्यालय को अब लोक निवास कहा जाएगा. केंद्र सरकार के अनुसार नाम बदलने के पीछे का उद्देश्य औपनिवेशिक मानसिकता को दूर करना है.

ब्रिटिश राज में कहलाता था गवर्नर हाउस

ब्रिटिश राज में राजभवन को गवर्नर हाउस कहा जाता था, जो परंपरा अब तक चली आ रही है. बात यदि झारखंड राजभवन की करें तो राज्य गठन के बाद यह पूर्ण स्वरूप में साल 2000 में आया. यह राजभवन परिसर 62 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है, जिसमें से 52 एकड़ मुख्य राजभवन परिसर में और ऑड्रे हाउस 10 एकड़ में फैला है.

इस राजभवन का निर्माण 1930 में शुरू हुआ और मार्च 1931 में 7 लाख रुपये की अनुमानित लागत से पूरा हुआ था. इसका डिज़ाइन वास्तुकार ब्रिटिश सैडलो बैलर्ड ने तैयार किया था. यह इमारत मुख्यतः ब्रिटिश डिज़ाइन की है, फिर भी ऐसा लगता है कि इसे स्थानीय जलवायु के अनुकूल बनाया गया है. इमारत की छत पर गर्मी से बचाव के लिए डबल रानीगंज टाइलें लगी हैं. जबकि फर्श, बैठक कक्ष और दरबार हॉल सागौन की लकड़ी से बने हैं.

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