Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Parliament Question Hour Analysis: संसद के लाखों सवालों में आम जनता के मुद्दे कहां? जानिए गरीबी और ज... Maharashtra Voter List SIR 2026: वोटर लिस्ट से नाम हटाने से पहले BLA को देनी होगी सूची, चुनाव आयोग क... RSS Chief Mohan Bhagwat: अतिवाद से परेशान है दुनिया, भारत के पास है ज्ञान का खजाना; अखिल भारतीय विहा... Tamil Nadu Language Dispute: सथानकुलम में दिशा-निर्देश बोर्ड से मिटाए गए हिंदी शब्द, भारी विरोध के ब... Ozone Urbana Scam: बेंगलुरु में होम बायर्स से 927 करोड़ की ठगी, ओजोन ग्रुप के CMD एस. वासुदेवन गिरफ्... Manori Beach News: स्पीडबोट से विदेशी जहाज में चोरी करने घुसे थे बदमाश, गैस रिसाव से 4 की मौत; हेलीक... यूपी की 11 MLC सीटों पर भाजपा का चुनावी चक्रव्यूह: 23 अक्टूबर को मतदान, सामाजिक समीकरणों पर जोर Ramnagar Road Accident: नैनीताल घूमने निकले नेशनल बास्केटबॉल प्लेयर यतीश यादव की सड़क हादसे में मौत,... दिल्ली के 736 पार्कों का सुरक्षा ऑडिट पूरा: उपराज्यपाल के निर्देश पर DDA ने 3 श्रेणियों में बांटे पा... वृंदावन आश्रम पर गहराया विवाद: शिष्य की संदिग्ध मौत के बीच हाथरस का युवक 3 महीने से लापता

Tamil Nadu Language Dispute: सथानकुलम में दिशा-निर्देश बोर्ड से मिटाए गए हिंदी शब्द, भारी विरोध के बाद सरकार का बड़ा एक्शन

2

तमिलनाडु में भाषा को लेकर चल रही लंबी बहस के बीच स्टेट हाईवे के एक साइनबोर्ड पर हिंदी को प्रमुखता से दूसरे स्थान पर रखे जाने के बाद नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।

विवाद बढ़ने के बाद राज्य के थूथुकुडी जिले के सथानकुलम में स्टेट हाईवे डिपार्टमेंट द्वारा लगाए गए दिशा-निर्देश (Direction) वाले साइनबोर्ड से हिंदी में लिखे शब्दों पर कालिख पोतकर उन्हें मिटा दिया गया।

वर्तमान में बोर्ड पर केवल तमिल और अंग्रेजी भाषा में ही शहरों के नाम शेष रखे गए हैं। इस पूरे प्रशासनिक विवाद के तूल पकड़ने के बाद राज्य सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्टेट हाईवे डिपार्टमेंट के दो संबंधित इंजीनियरों को निलंबित (Suspend) कर दिया है।

🛣️ सथानकुलम-नाजरेथ मार्ग पर लगा था बोर्ड: शहरों के नामों के क्रम पर उठा कड़ा ऐतराज

घटनास्थल और साइनबोर्ड के स्वरूप का विवरण:

  • नई सड़क का निर्माण: स्टेट हाईवे डिपार्टमेंट ने थूथुकुडी जिले में सथानकुलम और नाजरेथ के बीच लाखों रुपये की लागत से नई सड़क का निर्माण कराया था।

  • कारुमेनी नदी पुल के पास लगा बोर्ड: सथानकुलम में कारुमेनी नदी के पुल के पास तिरुचेंदुर रोड जंक्शन पर राहगीरों की सुविधा के लिए दिशा-निर्देश वाला एक बड़ा साइनबोर्ड लगाया गया था।

  • चार शहरों के रास्ते: बोर्ड पर थूथुकुडी, तिरुचेंदुर, अलवरथिरुनगरी और तिरुनेलवेली की ओर जाने वाले मार्गों के तीर के निशान अंकित किए गए थे।

  • भाषाओं का क्रम बना विवाद: सामान्य परिपाटी के विपरीत इस बोर्ड पर शहरों के नाम सबसे ऊपर तमिल, दूसरे नंबर पर हिंदी और अंत में अंग्रेजी में लिखे गए थे, जिस पर स्थानीय स्तर पर तीव्र प्रतिक्रिया देखने को मिली।

🛑 स्टेट हाईवे के नियमों पर सवाल: आमतौर पर केवल तमिल और अंग्रेजी का होता है चलन

राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों और बोर्ड के प्रारूप पर सवाल:

  • दो भाषाओं की व्यवस्था: तमिलनाडु में सामान्यतः स्टेट हाईवे डिपार्टमेंट द्वारा स्थापित साइनबोर्ड्स पर केवल तमिल और अंग्रेजी भाषा का ही उपयोग किया जाता है।

  • हिंदी के स्थान पर आपत्ति: कुछ विशेष पर्यटन या अंतरराज्यीय स्थानों पर यदि हिंदी का उपयोग होता भी है, तो उसे सबसे अंत में रखा जाता है।

  • प्रमुखता देने पर विवाद: सथानकुलम में तमिल के ठीक नीचे बड़े अक्षरों में हिंदी को जगह दिए जाने को राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने नीतिगत बदलाव और हिंदी थोपने की कोशिश करार दिया।

📢 विपक्षी नेताओं ने जताया कड़ा ऐतराज: सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ी हलचल

सियासी प्रतिक्रिया और हिंदी हटाने का घटनाक्रम:

  • नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया: साइनबोर्ड की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद डीएमके (DMK) अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन तथा पीएमके (PMK) अध्यक्ष डॉ. अंबुमणि रामदास सहित कई प्रमुख नेताओं ने इस कदम की कड़ी निंदा की।

  • सरकार पर लगे आरोप: नेताओं ने सवाल उठाया कि क्या राज्य सरकार का तंत्र खुद क्षेत्रीय भाषा की उपेक्षा कर हिंदी को प्राथमिकता देने का प्रयास कर रहा है।

  • जांच और कार्रवाई की मांग: विपक्ष ने स्पष्ट मांग की कि यह चूक किस स्तर पर हुई, इसकी तत्काल प्रशासनिक जांच हो और जिम्मेदार अधिकारियों को दंडित किया जाए।

⚖️ विरोध के बाद मिटाए गए हिंदी शब्द: असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर समेत 2 अधिकारी निलंबित

विभागीय कार्रवाई और वर्तमान स्थिति:

  • काले रंग से मिटाई गई हिंदी: जनविरोध और राजनीतिक दलों के कड़े रुख को देखते हुए हाईवे डिपार्टमेंट की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बोर्ड से हिंदी के अक्षरों को पूरी तरह मिटा दिया।

  • दो इंजीनियर नपे: प्रारंभिक जांच में लापरवाही और तय मानकों की अनदेखी पाए जाने पर स्टेट हाईवे डिपार्टमेंट के असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (AEE) और असिस्टेंट इंजीनियर (AE) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया।

  • प्रशासनिक सतर्कता: विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में सभी सरकारी साइनबोर्ड्स पर तय भाषा नीति का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.