Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Parliament Question Hour Analysis: संसद के लाखों सवालों में आम जनता के मुद्दे कहां? जानिए गरीबी और ज... Maharashtra Voter List SIR 2026: वोटर लिस्ट से नाम हटाने से पहले BLA को देनी होगी सूची, चुनाव आयोग क... RSS Chief Mohan Bhagwat: अतिवाद से परेशान है दुनिया, भारत के पास है ज्ञान का खजाना; अखिल भारतीय विहा... Tamil Nadu Language Dispute: सथानकुलम में दिशा-निर्देश बोर्ड से मिटाए गए हिंदी शब्द, भारी विरोध के ब... Ozone Urbana Scam: बेंगलुरु में होम बायर्स से 927 करोड़ की ठगी, ओजोन ग्रुप के CMD एस. वासुदेवन गिरफ्... Manori Beach News: स्पीडबोट से विदेशी जहाज में चोरी करने घुसे थे बदमाश, गैस रिसाव से 4 की मौत; हेलीक... यूपी की 11 MLC सीटों पर भाजपा का चुनावी चक्रव्यूह: 23 अक्टूबर को मतदान, सामाजिक समीकरणों पर जोर Ramnagar Road Accident: नैनीताल घूमने निकले नेशनल बास्केटबॉल प्लेयर यतीश यादव की सड़क हादसे में मौत,... दिल्ली के 736 पार्कों का सुरक्षा ऑडिट पूरा: उपराज्यपाल के निर्देश पर DDA ने 3 श्रेणियों में बांटे पा... वृंदावन आश्रम पर गहराया विवाद: शिष्य की संदिग्ध मौत के बीच हाथरस का युवक 3 महीने से लापता

Ozone Urbana Scam: बेंगलुरु में होम बायर्स से 927 करोड़ की ठगी, ओजोन ग्रुप के CMD एस. वासुदेवन गिरफ्तार; 14 दिन की ED रिमांड

2

बेंगलुरु में आशियाने का सपना दिखाकर सैकड़ों होम बायर्स से करोड़ों रुपये की ठगी करने और तय समय पर फ्लैट का पजेशन न देने के बहुचर्चित मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कड़ा एक्शन लिया है।

ईडी के बेंगलुरु जोनल कार्यालय ने ओजोन उर्बाना इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड (Ozone Urbana Infra Developers Pvt Ltd) के सीएमडी एवं प्रमोटर एस. वासुदेवन को 30 सितंबर को विधिवत गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के उपरांत उन्हें 1 अक्टूबर को बेंगलुरु स्थित विशेष पीएमएलए (PMLA) अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां कोर्ट ने वित्तीय अनियमितताओं और फंड डायवर्जन की गहराई से पूछताछ के लिए आरोपी को 14 दिन की ईडी कस्टडी में भेजने का आदेश दिया है।

⚖️ धोखाधड़ी और साजिश के तहत कई FIR दर्ज: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर CBI भी कर रही जांच

बिल्डर और प्रमोटरों के खिलाफ दर्ज मुकदमों का विवरण:

  • स्थानीय थानों में मामले: जांच एजेंसी के अनुसार, कंपनी और उसके प्रमोटरों के खिलाफ बेंगलुरु शहर के विभिन्न पुलिस थानों में धोखाधड़ी (Cheating), जालसाजी (Forgery) और आपराधिक साजिश रचने की संगीन धाराओं के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं।

  • सुप्रीम कोर्ट का दखल: इस बड़े रियल एस्टेट घोटाले की गंभीरता को देखते हुए माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर सीबीआई (CBI) की आर्थिक अपराध शाखा (EOW), नई दिल्ली ने भी कंपनी और इसके प्रमोटरों के खिलाफ नियमित प्राथमिकी दर्ज की थी।

  • केंद्रीय एजेंसियों का शिकंजा: स्थानीय पुलिस और सीबीआई की प्राथमिक जांच के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत अपनी जांच का दायरा तेज कर दिया है।

🏢 प्री-कंस्ट्रक्शन EMI का लालच देकर फंसाया: न फ्लैट की चाबी दी और न ही लौटाए पैसे

होम बायर्स को झांसे में लेने का तौर-तरीका:

  • आकर्षक योजनाओं का जाल: जांच एजेंसी का आरोप है कि प्रमोटरों ने प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक कराने के लिए मध्यमवर्गीय परिवारों को लुभावने ऑफर दिए थे।

  • EMI भरने का झूठा वादा: कंपनी ने खरीदारों से वादा किया था कि जब तक उन्हें फ्लैट का वास्तविक कब्जा नहीं मिल जाता, तब तक उनके होम लोन की प्री-कंस्ट्रक्शन ईएमआई कंपनी खुद भरेगी।

  • ग्राहकों का टूटा भरोसा: लोगों ने बिल्डर के वादों पर भरोसा जताते हुए जीवनभर की गाढ़ी कमाई जमा कर दी, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी प्रोजेक्ट अधूरा छोड़ दिया गया।

  • 927 करोड़ का गबन: वित्तीय जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि कंपनी और उसके प्रमोटर ने खरीदारों से लगभग 927.22 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि वसूली और इस रकम को प्रोजेक्ट में लगाने के बजाय निजी हितों और गैर-कानूनी माध्यमों में डायवर्ट कर दिया।

💰 साल 2025 में 423 करोड़ की संपत्तियां हुई थीं अटैच: कई ठिकानों पर पड़ा था छापा

ईडी की पूर्ववर्ती कार्रवाइयों का विवरण:

  • व्यापक छापेमारी अभियान: इस मामले में ईडी ने 1 अगस्त 2025 को बेंगलुरु जोनल कार्यालय के नेतृत्व में कंपनी के कई कॉर्पोरेट दफ्तरों और प्रमोटरों के आवासीय ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया था, जिसमें कई आपत्तिजनक दस्तावेज व डिजिटल साक्ष्य जब्त किए गए थे।

  • अचल संपत्तियों की कुर्की: इसके उपरांत 4 अक्टूबर 2025 को वित्तीय जांच एजेंसी ने PMLA के कड़े प्रावधानों के तहत लगभग 423.378 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों को अनंतिम (Provisional) रूप से अटैच किया था।

🔍 ओजोन समूह की अन्य मुखौटा कंपनियों पर जांच का शिकंजा: मनी ट्रेल खंगालने में जुटी ED

फंड डायवर्जन और सिंडिकेट की विस्तृत जांच:

  • ओजोन की सहयोगी कंपनियां: सीबीआई ने ओजोन इंफ्रा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, ओजोन रियल्टर्स प्राइवेट लिमिटेड और ओजोन प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं।

  • कॉमन डायरेक्टर हैं वासुदेवन: गिरफ्तार किए गए एस. वासुदेवन इन तीनों प्रमुख कंपनियों में कॉमन डायरेक्टर की भूमिका निभा रहे हैं।

  • मनी ट्रेल की तलाश: प्रवर्तन निदेशालय अब इस बात की कड़ियां जोड़ रहा है कि आम खरीदारों से जुटाए गए 927 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) को किन मुखौटा कंपनियों के जरिए घुमाया गया और अंततः इन पैसों को कहां ठिकाने लगाया गया।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.