Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
जबलपुर में महिला आरक्षक से पहचान छिपाकर दुष्कर्म और धर्मांतरण का दबाव, एसपी दफ्तर पहुंची पीड़िता नेपाल में कांवड़ यात्रा से पहले झंडे को लेकर भड़की हिंसा: भारत सीमा से लगे 5 जिलों में कर्फ्यू, सरका... अर्ली मेनोपॉज और हाई ब्लड प्रेशर का क्या है कनेक्शन? एक्सपर्ट से जानें एस्ट्रोजन हार्मोन का असर और ब... IB अफसर अंकित शर्मा हत्याकांड: ताहिर हुसैन समेत 5 को उम्रकैद, जानें किन पुख्ता सबूतों पर कोर्ट ने सु... पूर्णिया में बदल रही गांवों की तस्वीर: PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से 281 परिवारों का बिजली बिल हु... हरिद्वार कांवड़ यात्रा में बड़ा हादसा: जटवाड़ा पुल के पास गंगनहर में डूबने से चंडीगढ़ के 4 कांवड़ियो... संत रविदास के 650वें जयंती वर्ष पर भदोही बना 'संत रविदास नगर', सीएम योगी ने की सांस्कृतिक पुनर्स्थाप... बिहार विधान परिषद में बड़ा उलटफेर: बीजेपी एमएलसी देवेश कुमार ने दिया इस्तीफा, मंत्री दीपक प्रकाश के ... असम के शिलचर में बड़ा हादसा: पानी की टंकी की सफाई के दौरान दम घुटने से 4 लोगों की मौत; इलाके में शोक कटनी में 11 साल पुरानी जर्जर सड़क का केक काटकर मनाया जन्मदिन! कांग्रेस का प्रशासन के खिलाफ अनोखा विर...

भारतीय सेना हुई ‘AI-READY’! भविष्य की जंग का ब्लूप्रिंट तैयार, आर्मी की AI हैंडबुक लॉन्च, सुरक्षा में क्रांति

22

भारतीय सेना ने आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए AI Handbook for Military Leaders लॉन्च की है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस हैंडबुक को जारी किया. इसका उद्देश्य सभी स्तरों के सैन्य कमांडरों को आने वाले AI आधारित युद्धक्षेत्र के लिए तैयार करना है.

हैंडबुक का मकसद सिर्फ AI तकनीक हासिल करना नहीं, बल्कि सेना के नेताओं को यह समझाना है कि इसे जिम्मेदारी और समझदारी से कैसे अपनाया जाए. इस हैंडबुक में सरल भाषा में AI और मशीन लर्निंग की अवधारणाएं समझाई गई हैं. यह भी बताया गया है कि AI सिर्फ ऑटोमेशन नहीं है, बल्कि उससे कहीं आगे की क्षमता है.

यह गाइड सैन्य संचालन के कई क्षेत्रों, जैसे-कमांड, कंट्रोल, कोऑर्डिनेशन, कम्युनिकेशन, कॉम्बैट सिस्टम, इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रिकॉनिसेंस (ISR) और ऑटोनॉमस प्लेटफॉर्म में AI के इस्तेमाल का स्पष्ट ढांचा पेश करती है.

ह्यूमन कंट्रोल, नैतिकता और सुरक्षा को प्राथमिकता

हैंडबुक में AI के जोखिमों और सीमाओं पर भी खास ध्यान दिया गया है. इसमें बताया गया है कि किसी भी घातक सैन्य निर्णय में मानव नियंत्रण अनिवार्य रहेगा. डेटा बायस, सिस्टम फेलियर और AI की चुनौतियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. सभी AI आधारित सैन्य सिस्टम को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के अनुरूप होना चाहिए.

AI-ड्रिवन युद्ध के लिए क्या करने की जरूरत?

हैंडबुक के अंतिम हिस्से में भारतीय सेना के लिए एक व्यावहारिक रोडमैप दिया गया है. इसमें कहा गया है कि AI को प्रभावी ढंग से अपनाने के लिए मजबूत नेतृत्व, AI की समझ, भरोसेमंद और बड़े डेटा सिस्टम और नई सैन्य डॉक्ट्रिन बहुत जरूरी हैं.

भारतीय सेना में AI कल्चर की शुरुआत

इस हैंडबुक का लॉन्च भारतीय सेना के भीतर एक बड़े सांस्कृतिक बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है. यह कदम दिखाता है कि सेना अब एक टेक्नोलॉजी-ड्रिवन, AI-रेडी फोर्स बनाने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रही है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.