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भारतीय सेना हुई ‘AI-READY’! भविष्य की जंग का ब्लूप्रिंट तैयार, आर्मी की AI हैंडबुक लॉन्च, सुरक्षा में क्रांति

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भारतीय सेना ने आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए AI Handbook for Military Leaders लॉन्च की है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस हैंडबुक को जारी किया. इसका उद्देश्य सभी स्तरों के सैन्य कमांडरों को आने वाले AI आधारित युद्धक्षेत्र के लिए तैयार करना है.

हैंडबुक का मकसद सिर्फ AI तकनीक हासिल करना नहीं, बल्कि सेना के नेताओं को यह समझाना है कि इसे जिम्मेदारी और समझदारी से कैसे अपनाया जाए. इस हैंडबुक में सरल भाषा में AI और मशीन लर्निंग की अवधारणाएं समझाई गई हैं. यह भी बताया गया है कि AI सिर्फ ऑटोमेशन नहीं है, बल्कि उससे कहीं आगे की क्षमता है.

यह गाइड सैन्य संचालन के कई क्षेत्रों, जैसे-कमांड, कंट्रोल, कोऑर्डिनेशन, कम्युनिकेशन, कॉम्बैट सिस्टम, इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रिकॉनिसेंस (ISR) और ऑटोनॉमस प्लेटफॉर्म में AI के इस्तेमाल का स्पष्ट ढांचा पेश करती है.

ह्यूमन कंट्रोल, नैतिकता और सुरक्षा को प्राथमिकता

हैंडबुक में AI के जोखिमों और सीमाओं पर भी खास ध्यान दिया गया है. इसमें बताया गया है कि किसी भी घातक सैन्य निर्णय में मानव नियंत्रण अनिवार्य रहेगा. डेटा बायस, सिस्टम फेलियर और AI की चुनौतियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. सभी AI आधारित सैन्य सिस्टम को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के अनुरूप होना चाहिए.

AI-ड्रिवन युद्ध के लिए क्या करने की जरूरत?

हैंडबुक के अंतिम हिस्से में भारतीय सेना के लिए एक व्यावहारिक रोडमैप दिया गया है. इसमें कहा गया है कि AI को प्रभावी ढंग से अपनाने के लिए मजबूत नेतृत्व, AI की समझ, भरोसेमंद और बड़े डेटा सिस्टम और नई सैन्य डॉक्ट्रिन बहुत जरूरी हैं.

भारतीय सेना में AI कल्चर की शुरुआत

इस हैंडबुक का लॉन्च भारतीय सेना के भीतर एक बड़े सांस्कृतिक बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है. यह कदम दिखाता है कि सेना अब एक टेक्नोलॉजी-ड्रिवन, AI-रेडी फोर्स बनाने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रही है.

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