Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

नोएडा बिल्डिंग हादसे में 4 लोगों की मौत! कारण घटिया सामग्री या बड़ी साजिश? क्या था हादसे का असली कारण? जांच शुरू

16

दिल्ली से सटे यूपी के ग्रेटर नोएडा में बुधवार सुबह दर्दनाक हादसा हुआ था. तीन मंजिला मकान के शटरिंग हटाने के दौरान हुए इस हादसे में 11 मजदूरों में से 4 की मौत हो गई है. जबकि, 7 मजदूरों को पुलिस और एनडीआरएफ की मदद से मलबे से बाहर निकाल कर उनका उपचार कराया जा रहा है.

मामला रबूपुरा थाना क्षेत्र इलाके के नगला हुकुम सिंह गांव का है. हादसे के बाद जेवर विधायक मौके पर पहुंचे. पूरे मामले का संज्ञान लेकर इसकी जांच और मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की शिकायत करने की बात कही है. जबकि बताया यह जा रहा है कि अधिक मुआवजा लेने के चक्कर में ये सभी लोग अवैध निर्माण करवा रहे थे. हालांकि, पुलिस की तरफ से अभी कोई ऐसा बयान सामने नहीं आया. मृतकों में जीशान, शाकिर, नदीम और कामिल शामिल हैं. इनके शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.

घटिया सामग्री और अधिक मुआवजे के लालच में हुआ निर्माण कार्य?

हादसा होने के बाद पुलिस एनडीआरएफ की टीम फायर ब्रिगेड की टीम में प्राधिकरण के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत बचत कार्य में लग गए. इसके बाद यह बात सामने आई कि अभी हाल ही में प्राधिकरण ने यहां पर अवैध निर्माण को लेकर बुलडोजर चलाया था. बावजूद इसके यहां पर निर्माण कार्य हो रहा था. ये किसके कहने पर किया जा रहा था, इसकी अभी जांच होनी बाकी है. हालांकि, विधायक के हस्तक्षेप के बाद मृत्यु को के परिवार वालों को आर्थिक सहायता देने के बाद कही गई है. साथ ही इस पूरे हादसे में जांच और मुख्यमंत्री से शिकायत करने की भी बात कही गई है.

पढ़ें हादसे का पूरा विवरण-

क्या हुआ: तीसरी मंजिल के लेंटर की शटरिंग हटाते समय इमारत ढह गईं, जिससे नीचे की दोनों मंजिलें भी ध्वस्त हो गईं. कितने लोग प्रभावित हुए: मलबे के नीचे 11 मजदूर दब गए, जिनमें से 4 की मौत हो गई और बाकी घायल हुए हैं. बचाव कार्य: सूचना मिलते ही पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान चलाया. कारण: प्रथम दृष्टया, यह एक अवैध निर्माण था और शटरिंग हटाने के दौरान संरचना के कमजोर होने के कारण हादसा हुआ.

पहले भी ग्रेटर नोएडा में होते रहे हैं ऐसे ही हादसे

यह कोई नया मामला नहीं है. इससे पहले भी ग्रेटर नोएडा वेस्ट के शाहबेरी इलाके में साल 2018 में एक छह मंजिला इमारत भी भरभरा कर गिर गई थी. इसमें भी कई लोगों की मौत हुई थी. इस हादसे ने पूरे प्रदेश में हलचल पैदा कर दी थी. उसके बाद प्राधिकरण के अधिकारी नींद से जागे और लगभग 200 बिल्डिंगों को अवैध बताकर चिन्हित कर दिया, जो आज तक बंद पड़ी हैं. लेकिन अभी भी वहां पर कोई ना कोई निर्माण कार्य होता रहता है, जिसके वीडियो आए दिन लगातार सामने आते रहते हैं.

परिवार वालों पर टूटा दुखों का पहाड़

इस हादसे में मारे गए चार मजदूरों के परिवार वालों का र-रो कर बुरा हाल है. मृतक मजदूर मेहनत मजदूरी करके अपने परिवारों का पालन पोषण कर रहे थे. अब उनके परिवारों को उम्मीद है कि सरकार या प्राधिकरण द्वारा उन्हें कोई आर्थिक मदद जरूर मिलेगी.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.