Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
ICRA Report On OMCs: सरकारी तेल कंपनियों को रोज ₹530 करोड़ का नुकसान; इक्रा की रिपोर्ट में बड़ा खुला... Angiography vs Angioplasty: एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी में क्या है अंतर? कार्डियोलॉजिस्ट से समझे... Bhopal News: 50 टन कचरा और कैडमियम-सीसा जैसी धातुएं; गणेश उत्सव के बाद भोपाल के झीलों पर बढ़ा पर्याव... MP High Court On POCSO Act: 'लंबित हैं 14,531 मामले'; मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पॉक्सो केसों में बढ़ोत... Ujjain Bairwa Samaj Dol Samaroh: 24 अखाड़े, 16 झांकियां और रासलीला; उज्जैन में बैरवा समाज ने भव्यता ... Shahdol Elephant Threat: बाणसागर के 25 हाथियों के आतंक से ग्रामीणों को बचाएगी DFO तरुणा वर्मा की नई ... Morena Crime News: मुरैना जेल उप अधीक्षक को 60 हजार के इनामी कल्ली गुर्जर ने दी गोली मारने की धमकी Bageshwar Dham Controversy: 'पर्चे में लिखा था बेटा होगा, हो गई बेटी'; बागेश्वर धाम सरकार के दावे पर... Sugar Breath 4.0 Device Patent: सूश्रुत संहिता के सिद्धांत पर बनाई डिवाइस, 'Sugar Breath 4.0' से सेक... Asian Games 2026 Soft Tennis Medal: कौन हैं जय मीणा? जिन्होंने सॉफ्ट टेनिस में देश को दिलाया पहला ब्...

बांके बिहारी मंदिर में बदसलूकी पर उठे सवाल! बवाल के बाद गोस्वामी बोले- ‘किसी के साथ कुछ नहीं हुआ’, ASP अनुज चौधरी पर क्या एक्शन होगा?

26

विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ. इस वीडियो के आधार पर एक पुलिस अधिकारी के ऊपर बांके बिहारी मंदिर के सेवायत गोस्वामी सोहित के साथ बदतमीजी करने का आरोप लगा. ये पुलिस अधिकारी कोई और नहीं बल्कि एएसपी अनुज चौधरी हैं. इससे पहले एक और वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें कथावाचक मृदुल कांत शास्त्री ने भी वीडियो जारी कर पुलिस पर अभद्रता का आरोप लगाया था. लेकिन बाद में सोमवार को इन दोनों ही घटनाओं पर खंडन वाला बयान भी आया. क्या है पूरा मामला चलिए जानते हैं.

दरअसल, बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पदयात्रा दिल्ली से वृंदावन आ रही थी. रविवार को वृंदावन में ठाकुर बांके बिहारी के दर्शन करने के बाद उसका समापन हुआ. मथुरा जिले में इस सनातन एकता पदयात्रा की कमान एएसपी अनुज चौधरी के हाथों में थी.

एएसपी अनुज चौधरी द्वारा चार दिन की पदयात्रा को सुरक्षा की दृष्टि से आगे ले जाया जा रहा था. आरोप है कि जब रविवार को ठाकुर बांके बिहारी मंदिर की ओर पदयात्रा बढ़ी तो पुलिस कर्मियों ने बदसलूकी की. सबसे पहले ठाकुर बांके बिहारी मंदिर की ओर जाते वक्त ब्रज के लोगों के साथ पुलिसकर्मियों ने बदतमीजी की. उनके कपड़े तक फाड़ दिए. यहां तक की हाथापाई भी हुई.

इसे लेकर कथावाचक मृदुल कांत शास्त्री ने पहला वीडियो भी जारी किया. बताया कि पुलिसकर्मी किस तरह से बदतमीजी और अभद्र व्यवहार कर रहे हैं. हम यहां व्यवस्था बना रहे हैं लेकिन यह अव्यवस्था कर रहे हैं.

‘एएसपी अनुज चौधरी पर आरोप’

इसके बाद पदयात्रा ठाकुर बांके बिहारी मंदिर यानि अंतिम पड़ाव की ओर पहुंची. यहीं से दूसरा और नया वीडियो सामने आया. इसके मुताबिक, बांके बिहारी मंदिर पहुंचकर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पूजा अर्चना. आरोप लगा कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री VIP गेट से अंदर जा रहे थे, तब गोस्वामी सोहित उनके लिए पूजा की थाल और माला लेकर आए. मगर पुलिस ने उनको अंदर नहीं जाने दिया. आरोप लगाया गया कि एएसपी अनुज चौधरी ने सेवायत गोस्वामी सोहित से बदसलूकी की.

‘ऐसे खींचा जैसे वो कोई मुजरिम हों’

इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. हालांकि, Tv9 भारतवर्ष इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है. मंदिर के गोस्वामी हिमांशु ने बताया- एएसपी ने हमारे सेवायत को इस प्रकार खींचा जैसे वो कोई मुजरिम हों. जबकि, वो तो बस धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के लिए माला और पूजा की सामग्री लेकर आ रहे थे. पुलिस द्वारा जो व्यवहार किया गया है वह अत्यंत निंदनीय है. हम सभी लोग इसकी निंदा करते हैं और गोस्वामी समाज में इसे लेकर काफी भारी आक्रोश व्याप्त है.

सोमवार को आया खंडन

इन दोनों वीडियो के बाद मंदिर सेवायत व उच्चाधिकार प्रबंधन समिति में शामिल दिनेश गोस्वामी ने बताया कि एएसपी अनुज चौधरी द्वारा कालर खींचने की घटना उनके सामने की है. उन्होंने बताया कि धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री लगभग 150 किमी की पदयात्रा के बाद मंदिर पहुंचे. पहले से तय पांच लोगों की अनुमति थी, लेकिन कुछ बाहरी लोग और यूट्यूबर बिना अनुमति घुसने की कोशिश कर रहे थे. एएसपी अनुज चौधरी और मंदिर सुरक्षा गार्डों ने स्थिति को नियंत्रित किया. अनुज चौधरी ने अव्यवस्था रोकने के लिए काफी देर बाद आवश्यक कार्रवाई की.

‘नहीं हुआ अभद्र व्यवहार’

दिनेश गोस्वामी ने स्पष्ट किया कि घटना में किसी गोस्वामी या सेवायत के साथ अभद्र व्यवहार नहीं किया गया है. दूसरे प्रसारित वीडियो में मृदुलकांत शास्त्री अपनी फटी हुई बगलबंदी को लेकर बाहर की पुलिस पर बरसते हुए दिखाई दे रहे थे। रविवार को प्रसारित वीडियो के बाद मृदुलकांत शास्त्री ने कुछ अभद्रता की बात कही थी, लेकिन सोमवार को उनका सुर बदल गया. उन्होंने कहा कि यात्रा सफल रही, दर्शन हुए और प्रशासन ने पूरा सहयोग किया. उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रा का उद्देश्य सनातनी हिंदुओं की एकता थी.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.