Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिन राज्यसभा में जोरदार हंगामा, खरगे के 'मंच शुद्धिकरण' बयान पर सत्ता प... सतवास के मोहाईजागीर में नाले के तेज बहाव में मासूम बच्चा लापता, रातभर सर्चिंग के बाद फिर शुरू हुआ रे... ग्वालियर में 13 वर्षीय नाबालिग किशोरी का अपहरण कर दिल्ली में दुष्कर्म, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्त... सिंहस्थ 2028 के लिए एमपी सरकार का बड़ा कदम, UDA के पूर्व प्रमुख जगदीश अग्रवाल बने सिंहस्थ मेला प्राध... मध्य प्रदेश में अब रातभर गुलजार रहेंगे बाजार, राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने 'मध्य प्रदेश कार्यस्थल सशक्ति... आखिरकार सागर में बनेगा नया एयरपोर्ट: केंद्रीय मंत्री और विधायक शैलेंद्र जैन की वार्ता के बाद रास्ता ... स्वतंत्रता दिवस समारोह का अंतिम पूर्वाभ्यास संपन्न, कलेक्टर ने ध्वजारोहण कर भव्य परेड की सलामी ली छतरपुर में दर्दनाक हादसा: जटाशंकर धाम से लौट रही अनियंत्रित कार 50 फीट गहरे कुएं में गिरी, 1 युवक की... चार दशकों से ओंकारेश्वर वन्यजीव अभयारण्य की अधिसूचना लंबित, MP हाईकोर्ट ने स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड क... श्योपुर: अतिक्रमण हटाने गई वन विभाग की टीम पर पथराव व हमला, कई कर्मचारी घायल; रघुनाथपुर थाने में माम...

जीएसटी दर तार्किकरण के तहत राज्यों की वित्तीय स्थिरता के लिए मजबूत मुआवजा ढांचा तैयार किया जाए – हरपाल सिंह चीमा

32

चंडीगढ़/नई दिल्ली: पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि केंद्र सरकार जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) दर तार्किक बनाने के मौजूदा प्रस्ताव के तहत राज्यों की वित्तीय स्थिरता को प्रभावित होने से बचाने के लिए उपयुक्त मुआवजे की व्यवस्था करे और यह भी सुनिश्चित किया जाए कि इस कदम का लाभ महंगाई का सामना कर रहे देश के गरीब लोगों तक पहुँचे, न कि कॉर्पोरेट संस्थानों तक।

उन्होंने ज़ोर दिया कि यदि कीमतों के तार्किकरण का मौजूदा प्रस्ताव आय में हुई कमी की भरपाई की व्यवस्था किए बिना लागू होता है, तो यह राज्यों की वित्तीय अस्थिरता का कारण बनेगा और देश की संघीय संरचना को भी क्षति पहुँचाएगा, जो स्वीकार्य नहीं है।

एडवोकेट चीमा, जो आज कर्नाटक भवन में जीएसटी दर तार्किकरण पर विचार संबंधी केरल, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना के वित्त मंत्रियों और प्रतिनिधियों की बैठक में शामिल हुए, ने कहा कि राज्य का इस पहलू पर मत है कि दर तार्किकरण के साथ-साथ राज्यों के वित्तीय हितों की सुरक्षा की मजबूत व्यवस्था तैयार की जानी चाहिए। इसके तहत लग्जरी वस्तुओं पर सहायक कर (एडिशनल लेवी) लगाने और कम से कम पाँच वर्षों तक मुआवजा सुनिश्चित करने की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि पाँच वर्षों के बाद भी राज्यों की आय में कमी पूरी नहीं होती है तो इस व्यवस्था को और आगे बढ़ाने की व्यवस्था हो। उन्होंने कहा कि यही संतुलित दृष्टिकोण राज्यों की आर्थिक संप्रभुता को बचा सकता है और इसी के माध्यम से जीएसटी सुधारों को सही अर्थों में लागू किया जा सकेगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि 2017 में जीएसटी को वित्तीय निष्पक्षता के सिद्धांत को प्रमुखता देते हुए लागू किया गया था, लेकिन इसके लागू होने के बाद राज्यों को भारी वित्तीय नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के उपरांत पंजाब को लगभग 1.11 लाख करोड़ का वित्तीय नुकसान हुआ है। हालाँकि केंद्र ने निर्धारित वर्षों में 60 हजार करोड़ का मुआवजा दिया, लेकिन बाकी नुकसान की भरपाई के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाए गए।

मीडिया से बातचीत करते हुए एडवोकेट चीमा ने कहा कि बैठक में राज्यों की ओर से माँग की गई कि लग्जरी और सिगरेट व शराब जैसी वस्तुओं पर अतिरिक्त कर लगाया जाए और उससे होने वाली आय राज्यों को दी जाए, ताकि दर तार्किकरण से होने वाली आय में कमी की भरपाई की जा सके।

पंजाब के वित्त मंत्री ने कहा कि बिना आय स्थिरता के राज्य अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को कैसे निभा सकते हैं। केंद्र को इस सिद्धांत पर ज़ोर नहीं देना चाहिए कि सारा बोझ राज्यों के कंधों पर डाल दिया जाए और आय के स्रोत केंद्रीय दायरे में खींचे जाएँ। यदि राज्य वित्तीय रूप से मजबूत होंगे तभी देश भी मजबूत होगा। इसलिए राज्यों के आय संबंधी हित अवश्य सुरक्षित रहने चाहिए और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए ठोस व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर पंजाब वास्तव में सभी राज्यों की आवाज़ की प्रतिनिधि करता है।

सूबे में बाढ़ की स्थिति पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस प्राकृतिक आपदा के समय राज्य की सहायता के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए पंजाब सरकार पूरे दिल से प्रयास कर रही है और पूरी तरह अपने लोगों के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि राज्य में हुए नुकसान का आकलन होने के बाद केंद्र से विशेष पैकेज की माँग की जाएगी।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.