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ईरान के लोग राजधानी तेहरान को छोड़ इन इलाकों में क्यों खरीद रहे हैं घर?

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ईरान का इजराइल के साथ 12 दिनों की जंग को खत्म हुए तो 3 महीने से ज्यादा हो गया है. मगर इस जंग का असर सबसे ज्यादा ईरान के हाउसिंग मार्केट पर पड़ा है. देश का हाउसिंग मार्केट तो कई वर्षों पहले से ही महँगाई की मार झेल रहा था, अब इजराइल के हालिया हमलों और जंग के बाद गहरी मंदी में फँस गया है.

ईरान के हाउसिंग मार्केट में अब असली चुनौती केवल महँगाई नहीं, बल्कि सुरक्षा और स्थिरता बन गई है. राजधानी तेहरान के कई इलाकों से लोग घर खरीदने से कतरा रहे हैं और ज्यादा सेफ माने जाने वाले शहरों की ओर रुख कर रहे हैं.

जंग के बाद की तस्वीर

बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक 12 दिन की जंग के बाद ईरान की राजधानी तेहरान में तेजी से हालात बदले हैं. जंग के दौरान कई हिस्सों पर हमले हुए, अचानक पलायन भी हुआ और नए हमलों की आशंका ने मकान बाज़ार को झटका दिया. पहले से ही लोगों की खरीदने की शक्ति गिर चुकी थी, ऊपर से सुरक्षा का डर इतना बढ़ गया कि उत्तर तेहरान जैसे पॉश इलाकों में भी मकानों के दाम 20 से 50 मिलियन तोमान प्रति वर्ग मीटर तक गिर गए.

रियल एस्टेट यूनियन के मुताबिक, जिला 2 में पहले 380 मिलियन तोमान प्रति वर्ग मीटर की कीमत वाले फ्लैट अब 300 मिलियन में बिक रहे हैं. कई पुराने लिस्टिंग महीनों से बिना खरीदार के पड़ी हैं. अब लोग उन इलाकों में किराए पर घर नहीं लेना चाहते जो सेना या सुरक्षा संस्थानों के पास हैं.

लोग क्यों छोड़ रहे हैं तेहरान?

मार्केट विशेषज्ञ मानते हैं कि असली वजह सुरक्षा का डर है. लगातार हमलों और राजधानी के टारगेट बनने की आशंका ने मध्यमवर्गीय और अमीर तबके को अन्य शहरों की ओर धकेला है. इस्फ़हान और कुछ मध्यवर्ती प्रांत अब सेफ ज़ोन माने जा रहे हैं, जहाँ धीरे-धीरे घर खरीदने वालों की दिलचस्पी बढ़ रही है.

उत्तरी ईरान को ज्यादा सेफ मान रहे हैं लोग

राजधानी में पानी-बिजली की किल्लत और अस्थिर माहौल ने कई निवेशकों को मजबूर किया कि वे या तो अपना ठिकाना बदलें या फिर बैकअप के तौर पर किसी दूसरी जगह घर खरीदें. उनके दिमाग में यह साफ था कि राजधानी के बजाय ये उत्तरी इलाके जंग की स्थिति में ज्यादा सुरक्षित रहेंगे. नतीजा यह हुआ कि तेहरान से अब उत्तरी ईरान की ओर रुख कर रहा है. दिलचस्प बात यह है कि यहां का मकान-बाजार पहले से ही लंबे समय से मंदी में था, लेकिन अचानक मांग बढ़ गई. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सारी और नौशहर जैसे शहरों में विला खरीदने की डिमांड जंग के बाद करीब 25% तक उछल गई है.

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