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चुनाव से पहले बिहार का सियासी पारा बढ़ाएंगे कन्हैया कुमार, 16 मार्च से शुरू करेंगे ‘नौकरी दो, पलायन रोको’ यात्रा

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दिल्ली से लोकसभा चुनाव लड़ने वाले कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार अब बिहार में सक्रिय होंगे. विधानसभा चुनाव से पहले वो 16 मार्च को बिहार यात्रा पर निकलेंगे. उनकी इस यात्रा का नाम ‘नौकरी दो, पलायन रोको’ होगा. इसकी शुरुआत वो चंपारण में भितिहरवा गांधी आश्रम से करेंगे. बताया जा रहा है कि यात्रा के फाइनल अप्रूवल को लेकर कन्हैया 12 मार्च को राहुल गांधी से दिल्ली में मुलाकात भी कर सकते हैं.

इसी दिन दिल्ली में बिहार कांग्रेस नेताओं की चुनावी तैयारियों के लिए राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ बैठक भी हो सकती है. ऐसा माना जा रहा है कि कन्हैया कुमार के राज्य में सक्रिय होने से लालू परिवार से गांधी परिवार के रिश्तों में खटास आ सकती है. इसकी वजह ये मानी जा रही है कि तेजस्वी यादव नहीं चाहते हैं कि कन्हैया बिहार में सक्रिय हों.

बिहार में सक्रिय होना चाहते हैं कन्हैया

उधर, कन्हैया कुमार के करीबी मानते हैं कि वो बिहार में सक्रिय होना चाहते हैं. इसके लिए विधानसभा चुनाव से पहले का वक्त बिल्कुल सही है. बता दें कि कन्हैया कुमार बिहार के रहने वाले हैं. 1987 में बिहार के बेगूसराय जिले के तेघरा विधानसभा क्षेत्र छोटे से गांव में उनका जन्म हुआ था.

कन्हैया के सियासी सफर की शुरुआत

कन्हैया की स्कूली शिक्षा बरौनी के आरकेसी हाई स्कूल से हुई है. स्कूल के दिनों में उनकी रुचि एक्टिंग में थी. वो इंडियन पीपल्स थियेटर एसोसिएशन के सदस्य भी थे.साल 2002 में पटना के कॉलेज ऑफ कॉमर्स में एडमिशन लिया. यहीं से उनका राजनीतिक सफर भी शुरू हुआ. वो अखिल भारतीय छात्र फेडरेशन के सदस्य बने.

2021 में थामा था कांग्रेस का हाथ

इसके बाद दिल्ली का रुख किया और जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी से पीएचडी की है. यहां 2015 में छात्र संघ चुनाव जीता और अध्यक्ष बने. साल 2019 में कन्हैया कुमार ने सीपीआई के टिकट पर बेगूसराय लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा. हालांकि, बीजेपी उम्मीदवार गिरिराज सिंह से हार गए थे. इसके बाद साल 2021 में कांग्रेस से जुड़ गए. कन्हैया अपने बेबाक बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं.

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