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राहुल गांधी की पोस्ट पर किरेन रिजिजू का पलटवार, कहा— “राहुल की सोच बदली, उम्मीद है महिला आरक्षण बिल का करेंगे समर्थन”

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नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी द्वारा महिलाओं के अधिकारों एवं सशक्तीकरण के संदर्भ में साझा की गई एक पोस्ट को रीपोस्ट करते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने टिप्पणी की है।

उन्होंने लिखा कि यह कांग्रेस पार्टी की ओर से एक सकारात्मक संदेश प्रतीत होता है। महिलाओं के प्रति राहुल गांधी के दृष्टिकोण में स्पष्ट एवं सकारात्मक परिवर्तन दृष्टिगोचर हो रहा है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि अब कांग्रेस पार्टी बिना किसी पूर्व शर्त के संसद में महिला आरक्षण विधेयक (Women’s Reservation Bill) का पूर्ण समर्थन करेगी। इससे पूर्व राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में कहा था कि भारत की महिलाओं की वास्तविक ऊर्जा वर्तमान में दबी हुई है और उन्हें स्वयं को अभिव्यक्त करने या स्वतंत्र कल्पना करने की पर्याप्त स्वतंत्रता प्राप्त नहीं है। उनके अनुसार, कोई भी राष्ट्र तब तक पूर्ण सफल नहीं हो सकता जब तक वहां की महिलाएं स्वयं को खुलकर व्यक्त करने में सक्षम न हों।

💬 “केवल राजनीति-बिजनेस तक सीमित न हो सशक्तीकरण, पितृसत्ता के कड़े नियंत्रण से मिले मुक्ति”

राहुल गांधी ने अपने वक्तव्य में बल देते हुए कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने का तात्पर्य केवल व्यवसाय (बिजनेस) या राजनीति में उनकी सहभागिता तक ही सीमित नहीं होना चाहिए।

उनके अनुसार, महिलाओं को घर के भीतर अपनी बात रखने तथा सार्वजनिक स्थलों पर बिना किसी भय या संकोच के आवाजाही की पूर्ण स्वतंत्रता होनी चाहिए। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, “महिलाओं के सशक्तीकरण का अर्थ है कि वे अपनी स्वतंत्र राय रखें, भले ही बहुसंख्यक लोग उससे सहमत न हों। वे अपने माता-पिता, पति, भाई-बहन अथवा समाज के किसी भी व्यक्ति से तर्कपूर्ण प्रश्न पूछ सकें। यदि भारत को वास्तविक प्रगति पथ पर अग्रसर होना है, तो पितृसत्तात्मक व्यवस्था तथा भारतीय पुरुषों द्वारा महिलाओं पर थोपे गए कड़े नियंत्रण से उन्हें मुक्ति मिलनी चाहिए।”

🛡️ “यह मेरी राजनीतिक विचारधारा का अभिन्न अंग, जिसे पीछे धकेला गया”: राहुल गांधी का बयान

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि वे इस विचार में दृढ़तापूर्वक विश्वास रखते हैं और यह उस राजनीतिक विचारधारा का मुख्य स्तंभ है जिसका वे प्रतिनिधित्व करते हैं।

उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रगतिशील विचारधारा पर समय-समय पर प्रहार किए गए हैं, इसे नजरअंदाज किया गया, पीछे धकेला गया और अकारण चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।

👩‍🎓 “महिलाएं भारत की सबसे बड़ी संपत्ति”, शिक्षा और कॉरपोरेट क्षेत्र में भेदभाव की आलोचना

अपनी बातचीत में राहुल गांधी ने कहा, “हमें जो प्राथमिक कार्य निष्पादित करना है, वह इस प्रगतिशील विचार को पुनः सुदृढ़ करना है। महिलाओं को उस मुख्यधारा की वार्ता में वापस लाना है जहां उनका होना अपरिहार्य है, तथा उन्हें अपनी बात कहने एवं स्वेच्छा से कार्य करने के पूर्ण अवसर प्रदान करना है।”

राहुल गांधी की ये टिप्पणियां तब सामने आईं जब उनसे शिक्षा के मौलिक अधिकार हेतु संघर्षरत युवा महिलाओं के लिए उनके संदेश के संबंध में प्रश्न पूछा गया था। उन्होंने कहा कि भारत की नारी शक्ति हमारी वास्तविक शक्ति और सबसे मूल्यवान संपत्ति है। इसके साथ ही उन्होंने भारत के शिक्षा संस्थानों और कॉर्पोरेट सेक्टर में महिलाओं के साथ होने वाले असमान व्यवहार की भी कड़े शब्दों में आलोचना की।

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