Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बालाघाट में घर में घुसकर सो रही महिला को उठा ले गया बाघ: कान्हा बफर जोन में दिल नहला देने वाला हादसा... पन्ना में दर्दनाक हादसा: 9 माह की गर्भवती महिला और अजन्मे बच्चे की मौत, एनीमिया बनी वजह; पति पर लापर... इंदौर ने नम आंखों से दी वीर सपूत को अंतिम विदाई, मेजर हमजा आरिफ सैन्य सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक ग्वालियर में गुमशुदा तोते 'शकुंतला' के लिए 50 हजार का इनाम: ढोल-लाउडस्पीकर से तलाश में जुटा ओझा परिव... इंदौर में महज 7 दिन में टूटा शादी का बंधन, फैमिली कोर्ट ने तलाक की अर्जी को दी मंजूरी रतलाम में एग्रीमेंट वाली शादी का खौफनाक अंत: 3rd फ्लोर से रस्सी के सहारे भाग रही थी 23 साल की दुल्हन... छतरपुर में हॉस्टल की बड़ी लापरवाही! छत फांदकर एक साथ भागे 3 छात्र; मचा हड़कंप, परिजनों के उड़े होश गोरखपुर में दिल दहला देने वाली घटना, बहन से छेड़छाड़ का विरोध करने पर 9 वर्षीय मासूम की पीट-पीटकर हत... Vपप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा: चाकू लेकर पहुंचा युवक, समर्थकों ने दबोचा; सांसद बोले— 'म... Solar Eclipse 2027: 75 साल बाद सऊदी अरब में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण, 21वीं सदी की सबसे बड़ी खगोलीय ...

लोकसभा की पिच पर विधानसभा की तैयारी, क्या है लालू की जातीय गोलबंदी का गणित?

70

लोकसभा चुनाव का छठा चरण 25 मई को है. लालू प्रसाद एक के बाद दूसरे चरण में राजनीतिक बिसात मजबूत करते दिख रहे हैं. लालू प्रसाद लोकसभा चुनाव में अपनी रणनीति के मुताबिक ही दांव खेल रहे हैं. इसलिए लालू प्रसाद के लिए लोकसभा चुनाव फाइनल से पहले का सेमीफाइनल है. लालू जानते हैं कि बिहार में बीजेपी विरोधी दल के नेता के तौर पर तेजस्वी पदस्थापित हो चुके हैं. लोकसभा चुनाव में साल 2019 की तुलना में थोड़ा बेहतर परिणाम तेजस्वी को और बड़ा नेता बना देगा. इसलिए लालू प्रसाद माई समीकरण में विस्तार कर कुशवाहा समेत मल्लाह और भूमिहारों को भी जोड़ने की कवायद तेज कर दी है.

लालू प्रसाद अपनी दो बेटियों के लिए प्रचार करने के अलावा चुनाव प्रचार में कहीं और बाहर नहीं निकले हैं. सारण और पाटलिपुत्र के अलावा लालू प्रसाद सशरीर कहीं देखे नहीं गए हैं. लेकिन लालू लोकसभा चुनाव के जरिए विधानसभा चुनाव के लिए बिसात विछाने में तेजी से काम कर रहे हैं. लालू प्रसाद लोकसभा चुनाव के बहाने विपक्ष के नेता के तौर पर तेजस्वी को और मजबूत करने का खेल बखूबी खेल रहे हैं. इसलिए बिहार में कांग्रेस के लिए कैंपेन करने राहुल गांधी एक बार भागलपुर में देखे गए हैं वहीं मल्लिकार्जुन खरगे की उपस्थिति भी कमोबेश कुछ ही बार रही है.

लालू प्रसाद की नजरें कुशवाहा समेत मल्लाहों पर क्यों टिकी?

लालू प्रसाद ने बड़ी ही चतुराई से कैंपेन का जिम्मा तेजस्वी यादव को देकर आगे कर दिया है और इस कवायद में तेजस्वी का साथ वीआईपी पार्टी के नेता मुकेश साहनी देते दिख रहे हैं. लालू यादव जानते हैं कि पिछले चुनाव में सत्ता के मुहाने पर पहुंचकर सत्ता से दूर रह जाना आरजेडी के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं था. इसलिए जनाधार को बड़ा करने के लिए लालू प्रसाद का प्रयास कुशवाहा समाज को जोड़ने का है. इसीलिए लालू प्रसाद ने लोकसभा चुनाव में यादव के बाद महागठबंधन में सबसे ज्यादा 8 टिकट कुशवाहा समाज के उम्मीदवारों को देकर नया राजनीतिक प्रयोग की शुरुआत कर दी है.

औरंगाबाद, नवादा, मोतिहारी, पटनासाहिब, उजियारपुर, मुंगेर, खगड़िया और काराकाट में लालू प्रसाद ने कुशवाहा समाज को जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर टिकट कुशवाहा और धानुक समाज को दिया. लालू प्रसाद की इस कारगुजारी की वजह से एनडीए में तीन बड़े नेता कठिन दौर से गुजर रहे हैं. बिहार में लव-कुश समाज के नंबर वन नेता कहे जाने वाले नीतीश कुमार से कुशवाहा और धानुक समाज का मोहभंग होने लगा है, ऐसा औरंगाबाद,नवादाऔर मुंगेर में साफ देखा गया है. लालू प्रसाद के इस दांव से बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत राष्ट्रीय लोक मोर्चा के उपेन्द्र कुशवाहा की भी सांसें फूलने लगी हैं. जाहिर है कुशवाहा समाज के दो बड़े नेता लालू प्रसाद के नए प्रयोग से सकते में हैं और उनकी स्थिति एनडीए में कमजोर पड़नी शुरू हो गई है.

माना जा रहा है कि लालू प्रसाद 2025 के विधानसभा चुनाव की बिसात बिठाने में लग गए हैं. इसलिए घटक दल के तौर पर मुकेश साहनी को महागठबंधन का हिस्सा बनाकर मुकेश साहनी की मल्लाह के बीच पकड़ को भी परखने का काम लालू प्रसाद ने अपने अंदाज में शुरू कर दिया है.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.