Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

कर्नाटक के किसान MP पुलिस ने हिरासत में लिए, CM सिद्दारमैया ने मोहन यादव को पत्र लिखकर कही ये बात

59

भोपाल/बेंगलुरू: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से किसान आंदोलन में भाग लेने के लिए दिल्ली जाते समय भोपाल में हिरासत में लिए कर्नाटक के किसानों को रिहा करने का अनुरोध किया। उन्होंने किसानों के पक्ष में मोहन यादव को पत्र लिखते हुए कहा कि आंदोलन में भाग लेना किसानों का संवैधानिक अधिकार है, इसलिए उन्हें तुरंत रिहा किया जाए।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मोहन यादव को लिखे एक पत्र में कहा कि केंद्र सरकार की “किसान विरोधी नीतियों” के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के लिए बेंगलुरु से दिल्ली जा रहे कर्नाटक के किसानों के एक समूह को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बिना किसी कारण के हिरासत में लिया गया है। सिद्धारमैया ने कहा कि किसानों को हिरासत में लिए हुए चार दिन हो गए हैं और उन्हें अभी तक रिहा नहीं किया गया है। पत्र में कहा गया है, “अब यह पता चला है कि आपके पुलिस अधिकारी उन्हें वाराणसी स्थानांतरित कर रहे हैं। दिल्ली जाकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में भाग लेना लोगों का संवैधानिक अधिकार है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि बेहतर नीतियों की मांग करने वाले किसानों को मध्य प्रदेश में पुलिस अधिकारियों द्वारा गिरफ्तार किया जा रहा है और उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.