Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Iran-Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण बढ़ सकते हैं पानी और कोल्ड ड्रिंक की बोतलों के दाम; भारतीय... मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बड़ा फरमान: "मुसलमानों के लिए इस्लामी उत्तराधिकार कानून अनिवार्य"; संपत्ति... विकसित भारत 2047: हरियाणा बनेगा देश का 'ग्रोथ इंजन'! उद्योग और युवाओं के कौशल पर सरकार का बड़ा दांव;... दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 'आपत्तिजनक नारा' लिखना पड़ा भारी! दो युवतियों समेत 3 गिरफ्तार; माहौल बिगाड़ने... सावधान! दिल्ली में 48 घंटे बाद बरसेगा पानी, यूपी-राजस्थान में 'तूफान' जैसी हवाओं का अलर्ट; IMD ने पह... आगरा में 'जहरीली गैस' का तांडव! कोल्ड स्टोरेज से रिसाव के बाद मची भगदड़, जान बचाने के लिए खेतों की त... Bus Fire News: जैसलमेर से अहमदाबाद जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग, एक यात्री झुलसा; खिड़कियों से क... कश्मीर में VIP सुरक्षा पर 'सर्जिकल स्ट्राइक'! फारूक अब्दुल्ला पर हमले के बाद हिला प्रशासन; अब बुलेटप... ईरान की 'हिट लिस्ट' में Google, Apple और Microsoft? अब टेक कंपनियों को तबाह करेगा तेहरान; पूरी दुनिय... दिल्ली में 'Zero' बिजली बिल वालों की शामत! खाली पड़े घरों की सब्सिडी छीनने की तैयारी; क्या आपका भी बं...

गोपाष्टमी 20 नवंबर को, इसी दिन भगवान कृष्ण के सामने इंद्रदेव ने मानी थी हार

46

इंदौर। हिंदू धर्म में कार्तिक माह में कई महत्वपूर्ण त्योहार मनाए जाते हैं। दीपावली की बाद छठ पर्व सबसे बड़ा त्योहार आता है और इसी दौरान गोपाष्टमी व्रत भी रखा जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, हर साल गोपाष्टमी तिथि कार्तिक शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को आती है। इस साल गोपाष्टमी व्रत 20 नवंबर 2023, सोमवार को रखा जाएगा। जिसमें भगवान कृष्ण और बलराम के साथ-साथ गौ माता की पूजा की जाती है।

गोपाष्टमी पूजन का शुभ मुहूर्त

पंडित चंद्रशेखर मलतारे के मुताबिक, इस साल गोपाष्टमी तिथि का आरंभ 20 नवंबर को सुबह 05:21 बजे होगा और अष्टमी तिथि 21 नवम्बर को सुबह 03:16 बजे समाप्ति होगी। गोपाष्टमी पूजन का महत्व उत्तर भारत में ज्यादा है और यह त्योहार मथुरा, वृन्दावन तथा ब्रज के अन्य क्षेत्रों में अधिक प्रसिद्ध है।

गोपाष्टमी व्रत को लेकर ये है पौराणिक कथा

पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, भगवान कृष्ण ने ब्रजवासियों को इन्द्र के प्रकोप से बचाने के लिए गोवर्धन पूजा के दिन ही गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा (छोटी उंगली) पर उठा लिया था। इस दौरान इंद्रदेव ने लगातार 7 दिनों तक बारिश की थी, लेकिन आखिरकार इन्द्र देव ने गोपाष्टमी के दिन अपनी पराजय स्वीकार कर ली थी।

इंद्रदेव को भेंट नहीं दी तो हो गए नाराज

पौराणिक ग्रंथों में इस बात का भी जिक्र मिलता है कि भगवान कृष्ण ने ब्रजवासियों को इन्द्र देव को दी जाने वाली वार्षिक भेंट देने से रोकने का सुझाव दिया था। भगवान कृष्ण के इस सुझाव को जब ब्रजवासियों ने मान लिया था तो इन्द्र देव नाराज हो गए थे और ब्रज क्षेत्र को बाढ़ में डुबाने का फैसला किया था। भगवान कृष्ण ने ब्रज के लोग तथा उनके पशु धन को गोवर्धन पर्वत की विशाल छत्रछाया के नीचे सुरक्षित कर लिया था। यही कारण है कि गोपाष्टमी पर गायों, बछड़ों को सजाया जाता है और उनकी पूजा की जाती है।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।’

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.