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आरटीओ में दूर नहीं हो रही खाली कार्ड और कार्टरेज की परेशानी आवेदक परेशान

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इंदौर। नायता मुंडला स्थित परिवहन कार्यालय में लाइसेंस बनवाने वाले आवेदकों को लाइसेंस कार्ड प्रिंट होने के बाद नहीं मिल पा रहे है। यहां खाली कार्ड और कार्टरेज का टोटा समाप्त नहीं हो रहा है। इस कारण कार्ड की प्रिंटिंग नहीं हो पा रही है। लंबे समय से आवेदक कार्ड के लिए परेशान हो रहे है। परेशान आवेदक परिवहन विभाग के चक्कर लगा रहे है।

आरटीओ में विगत डेढ़ साल से लाइसेंस के खाली कार्ड नहीं पहुंच पा रहे है। चिप वाले कोर्ड का टोटा होने से आवेदकों को कार्ड प्रिंट होकर नहीं मिल पा रहे। दो माह पहले आरटीओ में खाली कार्ड की बढ़ी खेप पहुंची थी। तो अधिकारियों ने बड़ी संख्या में कार्ड प्रिंट करवा लिए।

इसके बाद इनकी छटनी कर आवेदकों तक कार्ड पहुंचाने में परेशानी हुई। एजेंटों को अपने कार्ड खुद छांटना पड़े। वर्तमान में दस हजार के करीब कार्ड की पेंडेंसी बनी हुई है। अधिकारी जल्द ही कार्टरेज और कार्ड बुलाकर प्रिंटिंक करने की बात कह रहे है।

कार्टरेज हुई खत्म

चिप वाले कार्ड की सप्लाई नहीं होने से बारकोड वाले कार्ड कार्ड प्रिंट कर आवेदकों को दिए गए। अब चिप वाले कार्ड फिर परिवहन कार्यालय पहुंचे। इनकी छपाई शुरू होने से पहले ही कार्टरेज खत्म हो गई। बिना कार्टरेज के कार्ड की छपाई नहीं हो पा रही है। कार्टरेज आने के बाद कार्ड की छपाई की जाएगी। स्मार्ट चिप कंपनी के कर्मचारी कभी कार्ड और कभी कार्टरेज के कारण परेशान है।

प्रतिमाह बनते हैं हजारों लाइसेंस

परिवहन विभाग में प्रतिमाह हजारों लाइसेंस बनते हैं। लर्निंग लाइसेंस के बाद ट्रायल देने और फोटो होने के बाद लाइसेंस जारी होते हैं। लंबे समय से कार्ड की कमी के कारण इन कार्ड की प्रिंटिंग नहीं हो पा रही है। कुछ हजार खाली कार्ड ही परिवहन विभाग के पास पहुंच रहे हैं, जबकि इतने ही लाइसेंस नए बन रहे हैं, इसलिए पुरानी पेंडेंसी खत्म नहीं हो रही है।

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