Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
बरेली दहेज हत्या मामले में अदालत का बड़ा फैसला, 5 साल के मासूम की गवाही पर ससुर दोषमुक्त मंदसौर में घर की सीढ़ियों पर बैठा दिखा विशालकाय मगरमच्छ! चीख पड़ी महिला, वन विभाग ने रेस्क्यू कर चंब... बिहार में रेल नेटवर्क का बड़ा विस्तार: 976 करोड़ की लागत से दानापुर-फतुहा के बीच बिछेगी नई रेल लाइन,... देश में मंदिर चढ़ावा चोरी पर सियासत तेज, राज ठाकरे का दावा— "सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल 18 करोड़ ... मानसून का रौद्र रूप! यूपी, बिहार समेत 15 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; दिल्ली में तूफानी हवाओं की... जबलपुर में महिला आरक्षक से पहचान छिपाकर दुष्कर्म और धर्मांतरण का दबाव, एसपी दफ्तर पहुंची पीड़िता नेपाल में कांवड़ यात्रा से पहले झंडे को लेकर भड़की हिंसा: भारत सीमा से लगे 5 जिलों में कर्फ्यू, सरका... अर्ली मेनोपॉज और हाई ब्लड प्रेशर का क्या है कनेक्शन? एक्सपर्ट से जानें एस्ट्रोजन हार्मोन का असर और ब... IB अफसर अंकित शर्मा हत्याकांड: ताहिर हुसैन समेत 5 को उम्रकैद, जानें किन पुख्ता सबूतों पर कोर्ट ने सु... पूर्णिया में बदल रही गांवों की तस्वीर: PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से 281 परिवारों का बिजली बिल हु...

रात में बिजली बंद तो पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ेगी

46

 बिलासपुर। रात में बिजली बंद तो सुबह तक सुबह तक आने की गारंटी नहीं है। शिकायत के बाद भी सुधार दल मौके पर नहीं पहुंचता। मंगला क्षेत्र में भी यहीं हुआ। यहां वोल्टेज कम ज्यादा हो रहा था। इस वजह से न पंखे चल रहे थे और एसी- कूलर। परेशान उपभोक्ता लगातार सुधार के लिए कर्मियों को भेजने की मांग करते रहे। जब नाराजगी जताई गई, तब कहीं जाकर सुबह चार बजे सुधार हुआ।

इस क्षेत्र के रहवासियों को पूरी रात जाग कर गुजारनी पड़ी। शहर में बिजली की भारी समस्या है। हर आधे घंटे बत्ती गुल की दिक्कत सामान्य है। दिन में तो फिर भी शिकायत के बाद सुधार कार्य हो जाता है। लेकिन, समस्या रात में आई है तो इसकी कोई गारंटी नहीं कि सप्लाई कब चालू होगी। मंगला क्षेत्र के अलखधाम नगर में भी लोगों को कुछ इसी तरह की दिक्कतों के बीच रात गुजारनी पड़ी। दरअसल शाम छह बजे अचानक बिजली बंद हो गई। इसकी सूचना दी गई। इस पर अमला पहुंचा और सुधार करने के बाद चला गया। रात 10: 45 बजे अचानक कूलर, पंखे व एसी बंद हो गए। इसके अलावा बल्ब की रोशनी बार- बार कम ज्यादा होने लगी। माजरा समझ आ गया वोल्टेज परेशानी है। दोबारा फ्यूज काल सेंटर को सूचना दी गई। करीब आधे घंटे बाद फ्यूज काल के कर्मचारी पहुंचे। ट्रांसफार्मर को देखे और यह कहकर लौट गए कि फाल्ट बड़ी है।

इसे सुधारने के लिए बड़ी गाड़ी आएगी। मतलब कंपनी के स्थाई कर्मचारी ही इसे सुधार सकते हैं। उनसे निवेदन किया गया कि टीम को जल भेज दे, ताकि रात को नींद खराब न हो। सुबह स्कूल से लेकर आफिस जाना है। उन्होंने आश्वासन भी दिया कि तत्काल टीम पहुंचेगी। लेकिन चार घंटे कोई नहीं पहुंचा। उपभोक्ता लगातार फोन पर फोन करते रहे। सुबह चार बजे सप्लाई सुचारू हुई। इस स्थिति में उपभोक्ताओं को पूरी रात गर्मी व मच्छर के कारण जाग कर गुजारनी पड़ी। उपभोक्ताओं का कहना है कि कंपनी केवल मेंटेनेंस के नाम पर औपचारिकता पूरी करती है। हकीकत में जैसा काम होना चाहिए, उस तरह नहीं हो पाता। इसके चलते ही उपभोक्ताओं को बिजली की समस्या से जुझना पड़ता है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.