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पटवारी भर्ती परीक्षा में धांधली के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने जा रहे कांग्रेसियों को पुलिस ने रोका

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भोपाल। पटवारी भर्ती परीक्षा में धांधली को लेकर समूचे प्रदेश में माहौल गरम है। छात्र संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस का छात्रों का समर्थन मिल रहा है। भोपाल, इंदौर सहित प्रदेश के कई जिलों में पटवारी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर प्रदर्शन हुए। निरंतर विरोध के चलते मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पटवारी भर्ती परीक्षा में चयनित हुए युवाओं की भर्तियां रोकने का आदेश देना पड़ा। अब नवंबर माह में होने वाले विधानसभा चुनाव के चलते कांग्रेस इसे बड़ा मुद्दा बनाकर भुनाने का मन बन चुकी है। इसे लेकर कांग्रेस की जिला इकाई ने शनिवार को मुख्‍यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किया।

जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कांग्रेसी बड़ी संख्या में दोपहर डेढ़ बजे रोशनपुरा चौराहे पर एकत्रित हुए हैं। यहां सभा के बाद कांग्रेसी मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने निकले तो पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर उन्‍हें पालीटेक्‍निक चौराहे से पहले ही रोक लिया। इसे लेकर कांग्रेसियों व पुलिस के बीच बहस हुई। कांग्रेसियों ने शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश के मामा मुर्दाबाद के नारे लगाए। कर्मचारी चयन मंडल का खत्म करने की मांग की।

पुलिस ने वाटर कैनन का इस्‍तेमाल कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने की कोशिश की। इसी दौरान मची भगदड़ में महक राणा नामक एक महिला कार्यकर्ता घायल हो गई। उसे एंबुलेंस के जरिए अस्‍पताल भेजा गया। कुछ अन्‍य कार्यकर्ताओं को भी हल्‍की चोटें आईं। पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में विधायक पीसी शर्मा समेत अनेक कार्यकर्ता सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रदीप मोनू सक्सेना ने कहा कि शिवराज सरकार घोटालों की सरकार बन गई है। पहले मुख्यमंत्री चौहान की सरकार में व्यापंम महाघोटाला हुआ। कई ऐसे युवक-युवतियां जो डाक्टर बनने लायक नहीं थे, उन्होंने पैसे देकर एमबीबीएस की पढ़ाई की। व्यापमं से जितनी परीक्षाएं हुईं, उनमें कई बार घोटालों का पता चला, लेकिन भाजपा सरकार ने उसे दबा दिया। हाल ही में भिंड के विधायक संजीव कुशवाहा के कालेज से पटवारी भर्ती परीक्षा में शामिल हुए अभ्‍यर्थी 10 टाप में सात टाप पर रहे। क्या ऐसा हो सकता है कि पूरे प्रदेश में उसी कालेज में पटवरी भर्ती परीक्षा में एक साथ सात लोग टाप कर लें? क्या उसी कालेज में होनहार युवक-युवती थे, जो पटवारी की परीक्षा में टाप कर लिए? पटवारी भर्ती परीक्षा घोटाले की सीबीआइ जांच होनी चाहिए। पर्दे के पीछे जो लोग इस घोटाले में लिप्त हैं, उनको जेल होनी चाहिए। जो वास्‍तव में योग्‍य युवा हैं, उनका चयन होना चाहिए।

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