रांची: झारखंड उच्च न्यायालय से हजारीबाग की एक सनसनीखेज घटना को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। अदालत ने अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में अब तक की पुलिसिया जांच पर गहरी नाराजगी जाहिर की है। न्यायमूर्ति रंगोन मुखोपाध्याय की खंडपीठ ने मौजूदा अनुसंधान की प्रगति पर असंतोष जताते हुए जांच प्रक्रिया में तेजी लाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, अदालत ने इस संगीन मामले में नामजद मुख्य आरोपी के माता-पिता की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है और अगली सुनवाई से पहले एक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई अब आगामी 19 नवंबर को तय की गई है।
एसआईटी की कार्यशैली से संतुष्ट नहीं दिखा हाईकोर्ट, मुख्य आरोपी के खुद सरेंडर करने के बाद भी जांच में प्रगति न होने पर उठाए सवाल
याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ताओं ने अदालत को अवगत कराया कि पीठ ने पुलिस जांच की मौजूदा स्थिति पर कड़ी आपत्ति जताई है। अदालत का यह स्पष्ट कहना था कि जब इस मामले का मुख्य आरोपी पहले ही अदालत में आत्मसमर्पण कर चुका है, उसके बावजूद विशेष जांच दल (SIT) की अब तक की कार्रवाई से कोई ठोस या विशेष उपलब्धि सामने नहीं आ पाई है। उच्च न्यायालय ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि वे बिना किसी विलंब के आरोपी के माता-पिता को गिरफ्तार करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाएं।
19 नवंबर तक राज्य सरकार को सौंपनी होगी विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट, डीएसपी रैंक के अधिकारी को सौंपी गई है अनुसंधान की जिम्मेदारी
झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वे 19 नवंबर तक अब तक की संपूर्ण अनुसंधान प्रक्रिया और पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई का पूरा ब्योरा अदालत के समक्ष प्रस्तुत करें। इससे पूर्व हुई सुनवाइयों के दौरान भी अदालत ने पुलिस जांच को गति देने और पूरे अनुसंधान की कमान एक सक्षम डीएसपी रैंक के अधिकारी के हाथों में सौंपने के निर्देश दिए थे, ताकि जांच में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जा सके।
हजारीबाग के बड़ा बाजार स्थित गुप्ता कॉम्प्लेक्स के फ्लैट में मिला था शव, दहेज प्रताड़ना और हत्या का लगाया गया है गंभीर आरोप
प्राप्त विवरण के अनुसार, हजारीबाग शहर के बड़ा बाजार थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गुप्ता कॉम्प्लेक्स के एक फ्लैट में महिला अधिवक्ता अनुष्का चक्रवर्ती का शव संदिग्ध हालात में बरामद हुआ था। मृतका के पिता सुनील कुमार चक्रवर्ती ने उनके पति कुशाग्र रुद्र और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों पर दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित करने तथा उनकी हत्या करने का बेहद गंभीर आरोप लगाया है। चर्चा है कि अनुष्का और कुशाग्र ने लगभग 3 साल पहले प्रेम विवाह किया था और दोनों विवाह के बाद इसी फ्लैट में एक साथ निवास कर रहे थे।
महज तीन घंटे के भीतर दो बार पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया पर भी उठे गंभीर सवाल, आरोपी पति ने किया था सरेंडर
अनुष्का की संदिग्ध मौत के उपरांत उनके भाई देवजीत चक्रवर्ती ने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए एक क्रिमिनल रिट याचिका दायर की थी और इस पूरे प्रकरण की स्वतंत्र तथा निष्पक्ष जांच की मांग उठाई थी। इस याचिका के दौरान अदालत के समक्ष पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पर भी बड़े सवाल उठाए गए थे। कोर्ट को यह जानकारी दी गई थी कि महज 3 घंटे के अंतराल के भीतर मृतका के शव का दो बार पोस्टमार्टम कराया गया था, जिससे इस मामले की पारदर्शिता पर संदेह गहरा गया है। इसके अलावा, शव की शारीरिक स्थिति और शरीर पर मिले चोट के निशान भी कई अनसुलझे सवाल खड़े कर रहे हैं। इस मामले में आरोपी पति कुशाग्र रुद्र ने गत 29 अक्टूबर को अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ भी की थी। अब उच्च न्यायालय के सख्त रुख के बाद पुलिस प्रशासन पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है।
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