फाजिल्का में 31 दिसंबर 2026 तक धारा 163 लागू, चाइना डोर और सरकारी इमारतों पर चढ़ने पर पूर्ण प्रतिबंध
फाजिल्का: पंजाब के फाजिल्का जिले से प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। जिला मजिस्ट्रेट अमरप्रीत कौर संधू ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए पूरे फाजिल्का जिले में विभिन्न प्रकार के सुरक्षात्मक और प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। प्रशासनिक रूप से जारी किए गए ये नए निर्देश आगामी 31 दिसंबर 2026 तक पूरे जिले में कड़ाई से लागू रहेंगे। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जिले में कानून-व्यवस्था को बनाए रखना और किसी भी संभावित खतरे या दुर्घटना को समय रहते रोकना है।
सरकारी इमारतों और पानी की टंकियों पर चढ़ने पर पूर्ण रोक, चाइना डोर की बिक्री व भंडारण पर भी लगा सख्त प्रतिबंध
जारी किए गए आदेशों के मुताबिक, जिला मजिस्ट्रेट ने फाजिल्का जिले की सीमा के भीतर आने वाली तमाम सरकारी इमारतों, परिसरों और ऊंची पानी की टंकियों पर आम जनता, असंतुष्ट व्यक्तियों तथा किसी भी प्रकार के प्रदर्शनकारियों के चढ़ने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। इसके अलावा, समाज और पर्यावरण के लिए घातक साबित होने वाली पतंग उड़ाने की ‘चाइना डोर’ (नायलॉन या सिंथेटिक मांझा) की खरीद, बिक्री, भंडारण और इसके किसी भी प्रकार के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है, ताकि पक्षियों और आम नागरिकों की जानमाल की रक्षा की जा सके। साथ ही, सुरक्षा के मद्देनजर सब-जेल फाजिल्का के चारों ओर 500 मीटर के दायरे को ‘नो-ड्रोन फ्लाइंग जोन’ घोषित किया गया है।
सीमावर्ती गांवों और बीएसएफ चौकियों के पास शाम 6 से सुबह 8 बजे तक आवाजाही प्रतिबंधित, सेना और पुलिसकर्मियों को छूट
अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट ने फाजिल्का के सीमावर्ती गांवों तथा सीमा सुरक्षा बल (BSF) की सीमा चौकियों के आसपास शाम 6:00 बजे से लेकर सुबह 8:00 बजे तक आम नागरिकों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। हालांकि, स्पष्ट किया गया है कि ये प्रतिबंध भारतीय सेना, बीएसएफ, पुलिस बल, अधिकृत ठेकेदारों या सक्षम प्राधिकारी की तरफ से वैध परमिट जारी किए गए धारकों पर लागू नहीं होंगे। वे अपने आधिकारिक कार्य के तहत आ जा सकेंगे।
कोबरा और कांटेदार तार की खरीद-बिक्री पर भी रोक, सूर्यास्त के बाद गोवंश की ढुलाई प्रतिबंधित और पशुपालन विभाग में पंजीकरण अनिवार्य
प्रशासनिक आदेशों में यह भी निर्देश दिए गए हैं कि फाजिल्का जिले की सीमा के भीतर कोबरा तार और अन्य प्रकार की खतरनाक कांटेदार तारों की खुली बिक्री, खरीद और इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही, जिले में कानून एवं सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए सूर्यास्त के पश्चात और सूर्योदय से पूर्व गोवंश की एक स्थान से दूसरे स्थान पर ढुलाई (ट्रांसपोर्टेशन) पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है। आदेशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन पशुपालकों ने गोवंश रखा हुआ है, उनके लिए संबंधित पशुपालन विभाग के पास अपने पशुओं का आधिकारिक पंजीकरण करवाना अनिवार्य किया गया है।
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