गुरुद्वारा मंजी साहिब के मुख्य सेवादार पर फायरिंग करने वाला मुख्य शूटर राज सिंह की पुलिस कस्टडी में संदिग्ध मौत
लुधियाना: पंजाब के लुधियाना जिले से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। ऐतिहासिक गुरुद्वारा मंजी साहिब (गांव राजोआणा कलां) के मुख्य सेवादार संत बाबा बलदेव सिंह पर जानलेवा फायरिंग करने के आरोप में हाल ही में गिरफ्तार किए गए मुख्य शूटर राज सिंह उर्फ राजू की सोमवार देर रात पुलिस हिरासत के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस रिमांड पर पूछताछ के बीच अचानक उसका ब्लड प्रेशर काफी कम हो गया और सीने में तेज दर्द उठने लगा, जिसके बाद उसे तुरंत कई अस्पतालों में ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक मौत की वजह दिल का दौरा (हार्ट अटैक) बताई जा रही है। हालांकि, पुलिस कस्टडी में हुई इस मौत के चलते न्यायिक नियमों और प्रोटोकॉल के तहत विस्तृत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का आधिकारिक खुलासा हो पाएगा। सूत्रों के अनुसार, सीआईए और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें आरोपी से फायरिंग की इस बड़ी साजिश और उसके विदेशी संपर्कों के बारे में गहनता से पूछताछ कर रही थीं।
अचानक ब्लड प्रेशर गिरने के बाद सुधार से अस्पताल ले गए थे पुलिसकर्मी, लुधियाना रेफर करने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
थाना सुधार के एसएचओ (SHO) रविंदरपाल सिंह ने पूरी घटना की जानकारी देते हुए बताया कि पूछताछ के दौरान अचानक रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) अत्यधिक कम होने की शिकायत मिलते ही पुलिस टीम ने बिना एक पल गंवाए उसे तुरंत सुधार स्थित सरकारी और निजी अस्पतालों में प्राथमिक उपचार के लिए पहुँचाया। वहां उसकी हालत में कोई सुधार न होते देख और स्थिति की नजाकत को भांपते हुए चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए लुधियाना के ग्लोबल हार्ट अस्पताल रेफर कर दिया। जैसे ही उसे लुधियाना पहुंचाया गया, वहां के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने तुरंत जांच की और उसे मृत घोषित कर दिया। एसएचओ ने स्पष्ट किया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के उपरांत ही मौत के असली कारणों की पुख्ता पुष्टि हो सकेगी।
28 अक्टूबर 2026 की तड़के हुई थी सनसनीखेज वारदात, माथा टेकने के बहाने पहुंचकर संत बाबा बलदेव सिंह के कमरे पर बरसाई थीं गोलियां
गौरतलब है कि यह पूरी जघन्य वारदात बीते 28 अक्टूबर 2026 की तड़के करीब 3:15 बजे अंजाम दी गई थी। सुधार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव राजोआणा कलां स्थित प्रसिद्ध गुरुद्वारा मंजी साहिब में मोटरसाइकिल पर सवार होकर दो नकाबपोश शूटर पहुँचे थे। गुरुद्वारे के हेड ग्रंथी ने बताया था कि उन बदमाशों ने पहले तड़के आकर माथा टेकने का बहाना बनाया और फिर सीधे मुख्य सेवादार संत बाबा बलदेव सिंह के रिहायशी कमरे की ओर बढ़ गए। हमलावरों ने बाबा को निशाना बनाते हुए कमरे के मुख्य दरवाजे पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। एक गोली शीशे और लकड़ी के भारी दरवाजे को चीरती हुई सीधे अंदर दीवार में जा धंसी। गनीमत यह रही कि उस वक्त संत बाबा बलदेव सिंह कमरे के भीतर बने बाथरूम में स्नान कर रहे थे, जिसके चलते वे इस बड़े जानलेवा हमले में बाल-बाल सुरक्षित बच गए। इस दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों हमलावर अपनी बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गए थे।
विदेशी इंटरनेट वर्चुअल नंबरों से मिल रही थीं धमकियां और रंगदारी, विदेश में बैठे हैंडलरों ने रची थी हमले की पूरी साजिश
इस मामले की तकनीकी और खुफिया जांच के दौरान पुलिस के हाथ कई अहम सुराग लगे थे। जांच में यह बात खुलकर सामने आई थी कि इस गोलीबारी की घटना से पहले संत बाबा बलदेव सिंह को लगातार विदेशी इंटरनेट वर्चुअल नंबरों के माध्यम से जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं और भारी-भरकम रंगदारी की मांग की जा रही थी। जब उनकी यह अवैध मांग पूरी नहीं हुई, तो विदेश में बैठे आपराधिक सिंडिकेट के हैंडलरों ने पूरी योजना के तहत बाबा की दिनचर्या की रेकी करवाई और शूटरों को अत्याधुनिक हथियार मुहैया करवाकर इस सुनियोजित हमले को अंजाम दिलवाया था।
200 किलोमीटर के दायरे में लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे खंगालकर फिरोजपुर से दबोचा गया था मुख्य शूटर
इस वारदात के सामने आने के बाद लुधियाना ग्रामीण पुलिस ने बेहद सख्त रुख अख्तियार किया था। पुलिस टीमों ने करीब 200 किलोमीटर के लंबे और विस्तृत दायरे में लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, आधुनिक साइबर सेल की मदद और सटीक खुफिया इनपुट के आधार पर शूटरों के पूरे रूट को बारीकी से ट्रेस किया। अथक प्रयासों के बाद पुलिस ने फिरोजपुर जिले में विशेष रेड करके मुख्य शूटर राज सिंह उर्फ राजू को धर दबोचा था। इसके अलावा इस खौफनाक वारदात में संलिप्त गुरदासपुर के दो अन्य संदिग्धों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था और उनसे पूछताछ जारी थी। अब मुख्य शूटर की पुलिस हिरासत में हुई इस संदिग्ध मौत के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है और नियमानुसार न्यायिक जांच की प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है।
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