Ujjain News: सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया सिंहस्थ 2028 की 539 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का भूमिपूजन, नलखेड़ा में बगलामुखी लोक का भी शुभारंभ
उज्जैन/आगर-मालवा: मध्य प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को अत्याधुनिक सुविधाओं, बेहतरीन बुनियादी ढांचे और मजबूत सड़क संपर्क से सुसज्जित करने की दिशा में सोमवार को दो बेहद महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सबसे पहले आगर-मालवा जिले के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल नलखेड़ा पहुंचकर ‘मां बगलामुखी देवी लोक’ के प्रथम चरण के निर्माण कार्यों का विधिवत भूमि पूजन किया। इसके पश्चात, उज्जैन में आयोजित वाल्मीकि जयंती के मुख्य समारोह में शामिल होते हुए उन्होंने ‘सिंहस्थ 2028’ की तैयारियों से जुड़ी 539.18 करोड़ रुपये की लागत वाली विशाल विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इन सभी महत्वाकांक्षी योजनाओं का मुख्य केंद्र बिंदु प्राचीन मंदिर परिसरों का भव्य विकास करने के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवागमन को सुगम बनाना, यातायात व्यवस्था को चुस्त-दुरस्त करना और प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंच को बेहद आसान करना है।
55 एकड़ के विशाल परिसर में होगा मां बगलामुखी देवी लोक का भव्य विकास
विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर के प्रांगण में प्रस्तावित भव्य ‘देवी लोक’ का निर्माण कुल 55 एकड़ के विशाल क्षेत्र में किया जा रहा है। इस परियोजना के पहले चरण के तहत 85.40 करोड़ रुपये की लागत से 108 फीट ऊंचे भव्य मंदिर शिखर, कलात्मक मंदिर कॉरिडोर, विशाल प्रांगण, 220 यज्ञशालाओं, चार सुंदर प्रवेश द्वारों, आधुनिक गौशाला, पार्किंग क्षेत्र और श्रद्धालुओं के लिए अन्य जरूरी जन-सुविधाओं का निर्माण कार्य कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि इस पूरी परियोजना का मुख्य उद्देश्य नलखेड़ा पधारने वाले श्रद्धालुओं को अत्यंत व्यवस्थित दर्शन व्यवस्था उपलब्ध कराना तथा राज्य में धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को और अधिक विस्तृत करना है। उल्लेखनीय है कि मां बगलामुखी का यह मंदिर तंत्र साधना और अद्वितीय धार्मिक आस्था के सबसे बड़े केंद्रों में शुमार किया जाता है।
बेहतर सड़क संपर्क से बढ़ेगी सुगमता, आगर से झालावाड़ तक मजबूत होगा कनेक्टिविटी नेटवर्क
नलखेड़ा क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को और गति प्रदान करने के लिए सड़क अधोसंरचना (रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि आमला से नलखेड़ा तक एक नए फोरलेन मार्ग का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा, मंदिर के नजदीक स्थित पुरानी पुलिया के पुनर्निर्माण और एक विशाल नए पुल के निर्माण से जुड़े कार्य भी इस प्रस्तावित विकास योजना का अहम हिस्सा हैं। साथ ही, आगर से सुसनेर होते हुए झालावाड़ तक निर्बाध और बेहतर सड़क संपर्क स्थापित करने की भी योजना है, जिससे यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी।
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर 539.18 करोड़ रुपये की सड़क और निर्माण परियोजनाएं
उज्जैन के वाल्मीकि धाम में आयोजित वाल्मीकि जयंती समारोह के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘सिंहस्थ 2028’ की तैयारियों का श्रीगणेश करते हुए उज्जैन विकास प्राधिकरण की 539.18 करोड़ रुपये की लागत वाली कई बड़ी परियोजनाओं का भूमि पूजन किया। इन विकास कार्यों में शहर की सड़कों का चौड़ीकरण, क्षिप्रा नदी के पूर्वी हिस्से में नए मार्गों का निर्माण और कई प्राचीन धार्मिक स्थलों के परिसरों का कायाकल्प शामिल है। प्रमुख परियोजनाओं के तहत अंकपात चौराहे से खाक चौक होते हुए मंगलनाथ मंदिर तक सड़क चौड़ीकरण पर 98.24 करोड़ रुपये और क्षिप्रा नदी के पूर्वी भाग में सड़क निर्माण पर 82.20 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है। इसके अतिरिक्त, कुशाभाऊ ठाकरे मार्ग से छोटी रपट तक शक्कर वासा पंचकोशी मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 36.75 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
भूखी माता मंदिर और सिद्धवट परिसर में होगा आधुनिक यात्री सुविधाओं का विस्तार
तीर्थयात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भूखी माता मंदिर परिसर के सर्वांगीण विकास के लिए 118.16 करोड़ रुपये की बड़ी परियोजना तैयार की गई है, जिसमें भव्य प्रवेश प्रांगण, यज्ञशाला, विशाल भोजनशाला, सेवा ब्लॉक, ब्लॉक रूम और उन्नत पार्किंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इस योजना के तहत 207 वाहनों की पार्किंग और 209 कुंडों वाली एक विशाल यज्ञशाला बनाने का प्रावधान किया गया है। वहीं दूसरी ओर, ऐतिहासिक सिद्धवट मंदिर परिसर के विकास कार्यों पर 14.58 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव है। इसमें घाट क्षेत्र के लिए व्यवस्थित प्रवेश और निकास द्वार, आधुनिक पूजन हॉल, प्रशासनिक तथा पुजारी भवन, उन्नत शौचालय एवं चेंजिंग रूम की सुविधा तथा 120 कारों व 10 बसों की क्षमता वाली पार्किंग का निर्माण शामिल है।
अमृत और पांचजन्य द्वार बढ़ाएंगे धार्मिक नगर की सांस्कृतिक और पौराणिक पहचान
आगामी सिंहस्थ महाकुंभ की भव्यता को बढ़ाने के लिए शहर के प्रवेश द्वारों पर पौराणिक प्रतीकों और कलात्मक संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इसी कड़ी में लगभग 19.50 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित ‘अमृत द्वार’ का निर्माण 120 फीट चौड़ी सड़क पर 44 फीट की ऊंचाई पर किया जाना है, जिस पर समुद्र मंथन की पौराणिक कथा आधारित अद्भुत शिल्पांकन उकेरे जाएंगे। इसके साथ ही, 21.65 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला ‘पांचजन्य द्वार’ लगभग 54 फीट ऊंचा होगा, जिसकी मुख्य थीम भगवान श्री कृष्ण के दिव्य शंख ‘पांचजन्य’ पर आधारित होगी। इस द्वार पर भगवान श्री कृष्ण, भगवान विष्णु और शेषनाग से जुड़े अनेक पौराणिक प्रसंगों को बेहद कलात्मक और सजीव रूप में दर्शाने की सुंदर योजना बनाई गई है। अपने इस उज्जैन प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़छा स्थित गुरु टेक चंद जी के समाधि स्थल पर पहुंचकर माथा टेका, बालाजी नवग्रह मंदिर में दर्शन किए और वाल्मीकि धाम आश्रम पहुंचकर करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की सौगात क्षेत्र की जनता को सौंपी।
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