Indore Water Crisis Update: इंदौर में पानी की बर्बादी पर नगर निगम का बड़ा एक्शन, बोरिंग और नर्मदा जल से फर्श धोने पर लगा 2000 रुपये का जुर्माना
इंदौर: इस वर्ष देश के कई हिस्सों में अलनीनो के प्रभाव के चलते मानसून की बेरुखी देखने को मिली है, जिससे कई इलाकों में अभी से सूखे जैसे हालात और पानी के संकट के बादल मंडराने लगे हैं। इसी गंभीर स्थिति को भांपते हुए देश की सबसे स्वच्छ नगरी इंदौर में नगर निगम ने पानी की एक-एक बूंद को सहेजने के लिए एक बेहद कड़ा और नया नियम लागू कर दिया है। शहर में पानी की बेवजह बर्बादी करने वाले लोगों को अब भारी-भरकम आर्थिक जुर्माने का सामना करना पड़ेगा। आम जनता से जल संरक्षण में सहयोग की अपील करने के साथ-साथ अब निगम ने मैदानी स्तर पर ताबड़तोड़ चालानी कार्रवाई का सिलसिला भी शुरू कर दिया है।
बोरिंग या नर्मदा जल से घर का फर्श धोने पर लगेगा स्पॉट फाइन, दो हजार का कटा चालान
पर्याप्त मात्रा में बारिश न होने के कारण शहर पर मंडरा रहे गंभीर जल संकट की आशंका को देखते हुए इंदौर नगर निगम ने यह सख्त कदम उठाया है। अब निगम सीमा के अंतर्गत आने वाले किसी भी क्षेत्र में यदि कोई व्यक्ति बोरिंग अथवा नर्मदा नदी के पेयजल का इस्तेमाल करके अपने घर का फर्श धोता है या पाइप लगाकर गाड़ियां व आंगन साफ करता है, तो उसे भारी जुर्माना भरना पड़ेगा। जिस प्रकार इंदौर में कचरा फैलाने पर स्पॉट फाइन किया जाता है, ठीक उसी तर्ज पर अब पानी की बर्बादी करने पर भी चालानी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को जोन क्रमांक 21 के वार्ड 79 अंतर्गत आने वाले आरआर कैट रोड स्थित 7 स्टेप गार्डन के सामने बोरिंग के पानी से फर्श धोकर पानी बर्बाद किए जाने पर निगम की टीम ने मौके पर ही 2,000 रुपये का स्पॉट फाइन वसूल किया।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने किया इलाकों का दौरा, रहवासियों को दी सख्त समझाइश
महापौर पुष्यमित्र भार्गव के विशेष निर्देशों के पालन में सीएसआई मनीष सिंह और सहायक सीएसआई रवि सिंह ने अपनी टीम के साथ मिलकर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। मानसून सीजन समाप्त होने के तुरंत बाद से ही शहर के कई हिस्सों में जलस्तर नीचे जाने की वजह से पानी की किल्लत महसूस होने लगी है, जिसके चलते नगर निगम लगातार नागरिकों से जल बचाने की अपील कर रहा है। इसी सिलसिले में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सोमवार की सुबह पार्श्वनाथ नगर और विनायक नगर का सघन दौरा किया तथा वहां के स्थानीय रहवासियों से रूबरू होकर उन्हें पानी के सदुपयोग और संरक्षण की समझाइश दी।
पाइप से वाहन धोने पर अंतिम चेतावनी, बाल्टी और पोछे का इस्तेमाल करने की सलाह
निरीक्षण के दौरान महापौर ने खुलेआम पाइप लगाकर गाड़ियां और फर्श धोने वाले लोगों को सख्त अंतिम चेतावनी भी दी है। नगर निगम और विभिन्न सामाजिक संगठनों (NGOs) की टीमें संयुक्त रूप से शहरभर में लोगों को जागरूक करने का काम कर रही हैं। महापौर ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई नागरिक घर की सफाई के लिए बाल्टी, मग या गीले पोछे का इस्तेमाल करता है, तो उस पर किसी प्रकार की रोक नहीं है; लेकिन यदि कोई व्यक्ति पाइप से पानी बहाकर गाड़ियां या फर्श धोते हुए पाया जाता है और इसकी शिकायत मिलती है, तो उसके खिलाफ तुरंत कड़ी चालानी कार्रवाई की जाएगी।
बीते 26 सालों में दूसरी बार इंदौर में हुई बेहद कम बारिश, कम होने लगे बोरिंग
meteorological आंकड़ों के मुताबिक, इस बार इंदौर अंचल में पूरे मानसून सीजन के दौरान बमुश्किल 23 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो कि सामान्य औसत से लगभग 14 इंच कम है। पिछले 26 वर्षों के इतिहास में यह ऐसा दूसरा मौका है जब इतनी कम बारिश देखने को मिली है। यही मुख्य वजह है कि बारिश का मौसम बीतते ही नगर निगम को शहर के कई इलाकों में पानी टैंकरों के माध्यम से सप्लाई करना पड़ रहा है। इसके अलावा, लोगों के निजी बोरिंग भी अभी से जवाब देने लगे हैं और ऐसा अंदेशा जताया जा रहा है कि आगामी जनवरी माह तक हजारों की संख्या में निजी बोरिंग पूरी तरह सूख सकते हैं, जिसके चलते नागरिकों को अभी से पानी की एक-एक बूंद बचाने के लिए गंभीर होना होगा।
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