Ghatshila Crime News: गालूडीह थाने में जमीन विवाद की सुनवाई के दौरान आदिवासी महिला ने की आत्महत्या की कोशिश, मचा हड़कंप
पूर्वी सिंहभूम: झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला उपमंडल से एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिले के गालूडीह थाना परिसर में सोमवार के दिन जमीन से जुड़े एक विवाद की सुनवाई के दौरान एक आदिवासी महिला ने थानेदार के ठीक सामने ही आत्महत्या करने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि यह महिला स्थानीय पुलिस की सुस्त कार्यशैली और नामजद आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी न होने से भयंकर रूप से आहत और नाराज थी। थाने के भीतर हुई इस अचानक घटना के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुलिस कर्मियों ने महिला को तुरंत अस्पताल पहुंचाया।
जमीन विवाद को लेकर दर्ज कराई थी प्राथमिकी, एससी-एसटी धाराएं जोड़ने की थी मांग
प्राप्त विस्तृत जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना गालूडीह थाना परिसर की है जहां बड़ाखुर्शी गांव की रहने वाली एक आदिवासी महिला का कुछ अन्य लोगों के साथ लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। पीड़िता ने इस मामले में पहले ही कुल 12 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज करा रखी थी। महिला का मुख्य और गंभीर आरोप यह था कि पुलिस ने इस संवेदनशील मामले में अब तक न तो एक भी आरोपी को गिरफ्तार किया है और न ही मामले की प्राथमिकी में एससी-एसटी (अत्याचार निवारण अधिनियम) की सख्त धाराएं जोड़ी हैं। इसी बात से तंग आकर और न्याय की उम्मीद में वह अपनी फरियाद लेकर सीधे थाने पहुंची थी।
थानेदार के सामने भड़की महिला और उठाया खौफनाक कदम
सोमवार को जब महिला गालूडीह थाने के अंदर पहुंची, तो उसने थानेदार अंकु कुमार के समक्ष अपनी सारी नाराजगी और आक्रोश खुलकर व्यक्त किया। वह लगातार यह मांग कर रही थी कि नामजद आरोपियों पर तुरंत और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। बातचीत और सुनवाई के दौरान मामला अचानक काफी गर्मा गया और देखते ही देखते गुस्से व निराशा में महिला ने थानेदार के सामने ही आत्महत्या की खतरनाक कोशिश कर डाली।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घायल महिला को एमजीएम अस्पताल में कराया भर्ती
थाना परिसर के अंदर इस अचानक घटी अप्रिय घटना से वहां तैनात पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए और भारी अफरा-तफरी मच गई। स्थिति की नजाकत और गंभीरता को भांपते हुए पुलिस ने बिना एक पल गंवाए अपनी सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल करते हुए महिला को तुरंत जमशेदपुर के प्रतिष्ठित एमजीएम (महात्मा गांधी मेमोरियल) अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज जारी है।
क्या है पायरागुड़ी गांव की उस पांच एकड़ से अधिक जमीन का पूरा विवाद?
इस पूरे घटनाक्रम की जड़ में पायरागुड़ी गांव के बिरहीगोड़ा टोला के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-33 (NH-33) के किनारे स्थित करीब पांच एकड़ 74 डिसमिल रैयती जमीन है, जो स्वर्गीय मनोरंजन भूमिज की बताई जा रही है। इसी बहुमूल्य जमीन के मालिकाना हक और उसके कब्जे को लेकर भूमिज समुदाय के ही दो अलग-अलग पक्षों के बीच लंबे अरसे से अंदरूनी विवाद चला आ रहा है। इस जमीन विवाद को लेकर पूर्व में भी कई मर्तबा दोनों पक्षों के बीच आपसी मारपीट और तनावपूर्ण स्थितियां उत्पन्न हो चुकी हैं।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया और एसडीपीओ का आधिकारिक बयान
फिलहाल स्थानीय पुलिस अस्पताल में उपचाराधीन महिला के स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए है और इस पूरे मामले के हर पहलू की तकनीकी व प्रशासनिक जांच कर रही है। थाने के भीतर इस तरह की अप्रिय घटना घट जाना निश्चित रूप से पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इस संबंध में घाटशिला के एसडीपीओ विकास आनंद लगोरी ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें इस मामले की पूरी सूचना मिल चुकी है। प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी उच्चस्तरीय जांच कराई जा रही है और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, महिला को सुरक्षित अस्पताल पहुंचा दिया गया है और डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
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