Haryana Free Dialysis Services: हरियाणा के किडनी मरीजों के लिए बड़ी खुशखबरी, 15 उपमंडल अस्पतालों में शुरू होगी मुफ्त डायलिसिस की सुविधा
चंडीगढ़: हरियाणा के किडनी मरीजों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण तथा छोटे शहरों के मरीजों की परेशानियों को कम करने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए 15 उपमंडल अस्पतालों (SDH) और एक जिला अस्पताल में पूरी तरह मुफ्त डायलिसिस की सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया है. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से आधिकारिक तौर पर टेंडर भी जारी किए जा चुके हैं, ताकि जल्द से जल्द प्रक्रिया को पूरा किया जा सके.
💰 मरीजों का बचेगा समय और पैसा, नारायणगढ़ से लेकर कनीना तक इन अस्पतालों में मिलेगी सुविधा
स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. मनीष बंसल ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस सुविधा के शुरू होने से मरीजों को डायलिसिस के लिए दूर-दराज के बड़े या जिला अस्पतालों के लंबे और खर्चीले चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. उन्हें अब अपने नजदीकी उपमंडल अस्पताल में ही मुफ्त डायलिसिस की आधुनिक सुविधा आसानी से मिल सकेगी, जिससे मरीजों और उनके परिजनों का आने-जाने का भारी खर्च और कीमती समय दोनों की बचत होगी. जिन प्रमुख उपमंडल अस्पतालों में यह सुविधा शुरू करने की योजना बनाई गई है, उनमें नारायणगढ़, लाडवा, सिवानी, टोहाना, बल्लभगढ़, पटौदी, असंध, गोहाना, गुहला, नरवाना, महम, डबवाली, कोसली, महेंद्रगढ़ और कनीना शामिल हैं.
🩺 क्यों जरूरी है डायलिसिस? अब तक दो लाख मरीज उठा चुके हैं इस मुफ्त योजना का लाभ
चिकित्सकीय भाषा में डायलिसिस उन गंभीर किडनी रोगियों के लिए जीवन बचाने वाली एक अनिवार्य प्रक्रिया है, जिनकी किडनी स्वयं खून को ठीक प्रकार से साफ करने में असमर्थ होती हैं. ऐसे मरीजों को हफ्ते में कई बार अस्पतालों के चक्कर काटने पड़ते हैं, और छोटे शहरों या गांवों के मरीजों के लिए दूर स्थित शहरों तक पहुँचना बेहद कठिन और खर्चीला साबित होता है. स्थानीय स्तर पर यह सुविधा मिलने से उन्हें बहुत बड़ी राहत मिलेगी. डॉ. मनीष बंसल के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और अस्पतालों में जरूरी मशीनें, उपकरण तथा अन्य व्यवस्थाएं स्थापित होने के बाद मरीजों को इसका सीधा लाभ मिलना शुरू हो जाएगा. गौरतलब है कि अब तक इस महत्वपूर्ण मुफ्त डायलिसिस योजना का लाभ हरियाणा प्रदेश के करीब दो लाख मरीज उठा चुके हैं.
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.