Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Indore Miniature Painting Workshop: मालवा की विलुप्त होती लघु चित्रकला को बचाने की अनूठी पहल Ujjain Nagar Pujan Tradition: उज्जैन में सम्राट विक्रमादित्य के काल से चली आ रही परंपरा, कलेक्टर-एसप... Ujjain Simhastha 2028 Preparations: सीएम मोहन यादव ने की सिंहस्थ की समीक्षा, 25 हजार करोड़ के विकास ... MP Cricket Academy in Russia: रूस के स्मोलेंस्क में खुलेगी मध्य प्रदेश क्रिकेट अकादमी, क्रिकेट के जर... Akash Vijayvargiya Namo Coaching: इंदौर में आकाश विजयवर्गीय की अनूठी पहल, कौटिल्य अकादमी के साथ मिलक... Chhindwara Congress Worker Assault: छिंदवाड़ा में कांग्रेस कार्यकर्ता के अपहरण और मारपीट पर गरमाई सि... राहत मंजिल में ठहरे थे बापू, बेनजीर ग्राउंड पर हुई थी ऐतिहासिक जनसभा और प्रार्थना Nana Patekar Memories: भोपाल में नाना पाटेकर से जुड़े संस्मरण, श्रीराम तिवारी ने बताए 30 साल पुराने ... Dhar Pickleball Players Success: केरल में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में धार के 4 खिलाड़ियों ने जी... Madhya Pradesh News: जबलपुर में मेले के दौरान झूले में तकनीकी लापरवाही या युवकों की गलती? पुलिस ने म...

Gariyaband Mahapanchayat News: गरियाबंद के कोकड़ी गांव में 128 गांवों के ग्रामीणों की महापंचायत, विस्थापन और हाईवे जाम का कड़ा विरोध

1

गरियाबंद: गरियाबंद के कोकड़ी गांव में उदंती सीतानदी अभयारण्य क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 128 गांवों के ग्रामीणों ने एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया. ये सभी ग्रामीण विस्थापन समेत 11 घंटे तक नेशनल हाईवे को बंद रखने के फैसले का कड़ा विरोध कर रहे हैं. ‘जल-जंगल-जमीन बचाओ संघर्ष समिति’ के बैनर तले आयोजित इस महापंचायत में ग्रामीणों ने शाम से लेकर सुबह सात बजे तक नेशनल हाईवे पर आवागमन अवरुद्ध रखने के अपने फैसले पर खुलकर बात रखी. इस महत्वपूर्ण महापंचायत में बिंद्रा नवागढ़ के विधायक जनकलाल ध्रुव और सिहावा क्षेत्र की विधायक अंबिका मरकाम विशेष रूप से उपस्थित रहीं.

⚖️ आदिवासी क्षेत्रों में विकास न होने का आरोप, पेसा एक्ट के उल्लंघन पर जताई कड़ी नाराजगी

इस दौरान जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकारी नीतियों से पूरी तरह अवगत कराए बिना लोगों से विस्थापन के लिए सहमति ली जा रही है. अनुसूचित क्षेत्रों में पेसा (PESA) एक्ट के स्पष्ट उल्लंघन का आरोप लगाते हुए सर्वव्यापी विरोध प्रदर्शन करने की बात कही गई. इसके साथ ही, अभयारण्य क्षेत्र के गांवों में लंबे समय से अपेक्षित विकास कार्यों के न होने को लेकर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की गई. महापंचायत में यह भी निर्णय लिया गया कि यहां पारित प्रस्ताव को संसद, विधानसभा और जिला पंचायत के पटल पर रखा जाएगा और उसका अनुपालन कराया जाएगा. इस महापंचायत में दोनों विधायकों के अलावा कई अन्य निर्वाचित जनप्रतिनिधि और प्रमुख सामाजिक पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे.

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.